दयालबाग शिक्षण संस्थान के शिविर में 100 छात्राओं समेत 396 लोगों ने किया रक्तदान
आगरा। दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) में मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए आयोजित रक्तदान शिविर में 396 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। संस्थान की एनसीसी इकाई, एनएसएस इकाई और आयुष संकाय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में 100 छात्राओं एवं महिला कर्मचारियों तथा 296 छात्रों एवं पुरुष कर्मचारियों ने रक्तदान किया। एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थी, अभिभावक, संस्थान के कर्मचारी और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों से आए लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। मानव सेवा चैरिटेबल ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित शिविर में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।
शिविर का शुभारंभ संस्थान वंदना के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि 1 यूपी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल आशुतोष मिश्रा और संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने फीता खोलकर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि का संस्थान निदेशक ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसका नेतृत्व सार्जेंट जाह्नवी विरमानी ने किया।
कर्नल आशुतोष मिश्रा ने स्वयं किया रक्तदान
मुख्य अतिथि कर्नल आशुतोष मिश्रा ने स्वयं रक्तदान कर दूसरों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रक्तदाताओं और कैडेट्स को संबोधित करते हुए एनसीसी इकाई तथा एनसीसी अधिकारी की पहल की सराहना की। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान अभियान में भाग लेने की अपील की।
कर्नल मिश्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को जागरूक बनाने और समाजसेवा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा शक्ति को जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाकर समाज की बड़ी सेवा की जा सकती है।
संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने भी एनसीसी इकाई की उपलब्धियों की सराहना करते हुए रक्तदान शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। संस्थान की कंट्रोलर ऑफ एग्जाम डॉ. बानी दयाल धीर और प्रशासनिक अधिकारी (कंप्यूटर) डॉ. अर्श धीर की उपस्थिति ने रक्तदाताओं और कैडेट्स का उत्साह बढ़ाया।
समयदान और रक्तदान दोनों अनमोल
डीईआई टेक्निकल कॉलेज के प्राचार्य मेजर सिंह ने अपने संबोधन में समयदान और रक्तदान को दो अमूल्य दान बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता की जा सकती है और मानव जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया जा सकता है।
संस्थान की एनसीसी इकाई के अधिकारी कैप्टन मनीष कुमार ने बताया कि शिविर का उद्देश्य युवाओं को रक्तदान के लिए तैयार करना और उनके मन से रक्तदान को लेकर डर दूर करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि विज्ञान में प्रगति के बावजूद कृत्रिम रक्त का विकल्प अभी उपलब्ध नहीं है। जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता के लिए रक्तदाताओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
शिविर में संस्थान के पूर्व एनसीसी कैडेट और वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत कैप्टन राहुल त्यागी ने भी रक्तदान किया।
आयुष संकाय के विद्यार्थियों ने समझीं रक्तदान की बारीकियां
शिविर के दौरान आयुष संकाय के विद्यार्थियों ने रक्तदान से जुड़ी प्रक्रियाओं और बारीकियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर संकाय के प्राचार्य और शिक्षक भी उपस्थित रहे। एनएसएस समन्वयक डॉ. सुनील कुमार, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भावना जौहरी, डॉ. राकेश और आर्किटेक्ट अपेक्षा जैन का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।
शिविर में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। रक्तदान करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
कैडेट्स ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
रक्तदान शिविर का संचालन कैडेट प्रशांत सिंह भदौरिया, कैडेट लगन भारद्वाज, जेयूओ खामिनी, अंडर ऑफिसर देवांग गुरहार और यूओ जय टेंगुरिया ने किया। मानव सेवा चैरिटेबल ब्लड बैंक के प्रमुख ओम प्रकाश चौधरी और डायरेक्टर राहुल चौधरी की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
शिविर को सफल बनाने में कैडेट शालिनी शर्मा, इतिका तिवारी, ऋद्धि गौतम, मयंक और वेदांश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को रक्तदान के महत्व से परिचित कराने के साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।