आडवाणी के स्वास्थ्य की मंगलकामना को आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन ने किया हवन
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के बेहतर स्वास्थ्य की मंगलकामना के लिए सदरभट्टी स्थित हरमिलापी मंदिर में हवन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पदाधिकारियों ने आहुतियां देकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की प्रार्थना की। फेडरेशन अध्यक्ष विजय सामा ने 1956 में संगठन की स्थापना में अडवाणी सहित तत्कालीन वरिष्ठ नेताओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के स्थायित्व के लिए वरिष्ठों का सम्मान और उनकी सीख से मार्गदर्शन लेना जरूरी है। इस दौरान दशहरा पर्व की शुभकामनाएं भी दी गईं और आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
हरमिलापी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी आहुतियां, संस्थापक स्व. राजकुमार सामा के योगदान को किया याद, बोले—जड़ों से जुड़े रहना ही संगठन की ताकत
आगरा। देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के बेहतर स्वास्थ्य की मंगलकामना के लिए द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन की ओर से सदरभट्टी चौराहा स्थित हरमिलापी मंदिर में हवन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच फेडरेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हवन कुंड में आहुतियां देकर अडवाणी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। हवन के बाद आरती की गई और सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। दशहरा पर्व के अवसर पर फेडरेशन के सदस्यों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं।
1956 में फेडरेशन की स्थापना में आडवाणी की रही अहम भूमिका
फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने कहा कि वर्ष 1956 में फेडरेशन की स्थापना में लालकृष्ण आडवाणी का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए सिंधी, पंजाबी, सिख और खत्री समाज के लोगों को व्यवस्थित रूप से स्थापित करने तथा समाज को संगठित करने के उद्देश्य से तत्कालीन वरिष्ठ नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि नानाजी देशमुख, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने फेडरेशन के संस्थापक स्व. राजकुमार सामा को समाज के बिखरे हुए लोगों को एकजुट करने की जिम्मेदारी दी थी। विजय सामा ने कहा कि उस समय जिस उद्देश्य और भावना के साथ संगठन की नींव रखी गई थी, उसी का परिणाम है कि 1956 से 2026 तक फेडरेशन लगातार आगे बढ़ता रहा है। संगठन ने अपनी लंबी यात्रा में व्यापारिक हितों के साथ सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करने का काम किया है।
स्थायित्व चाहिए तो वरिष्ठों का सम्मान जरूरी
कार्यक्रम के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने वरिष्ठों के सम्मान और उनके अनुभव से मार्गदर्शन लेने को संगठन की मजबूती के लिए जरूरी बताया। विजय सामा ने कहा कि राजनीतिक हो या गैर-राजनीतिक संगठन, यदि वह अपने वरिष्ठों का सम्मान नहीं करता और उनकी बताई राह से सीख नहीं लेता, तो उसके लंबे समय तक टिके रहने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि मजबूत वृक्ष बनने के लिए जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी जड़ों और अपने इतिहास को भूल जाते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देते हैं। संगठन के वरिष्ठों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक होता है और उसे सम्मान देना संगठन की निरंतरता और स्थायित्व के लिए आवश्यक है।
जयंत आडवाणी से बातचीत में मिली स्वास्थ्य की जानकारी
फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार, आडवाणी के स्वास्थ्य को लेकर उनके पुत्र जयंत आडवाणी से फोन पर बातचीत की गई। बातचीत में जानकारी मिली कि नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंचे लालकृष्ण आडवाणी को हृदय और किडनी से संबंधित दिक्कतों के कारण भर्ती कराया गया था। पदाधिकारियों ने बताया कि अब अडवाणी स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए हैं। इसी के चलते फेडरेशन के सदस्यों ने उनके बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए हवन किया।
दशहरा पर्व पर दी शुभकामनाएं
हवन और पूजन के बाद सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दशहरा पर्व की एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर नारी भाई, प्रमोद महाजन, धर्मपाल, गोवर्धन सोनेजा, संजय अरोरा, संजय मगन, रवि भूषण, अजय महाजन, अजय कुमार, दिलप्रीत सचदेवा, मुरलीधर पंजवानी, जगदीश बत्रा, विशाल लालवानी, प्रकाश दीपक, विनोद भागवानी, भीष्म लालवानी सहित फेडरेशन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को अपने संस्थापकों, वरिष्ठों और संगठन की जड़ों से जोड़कर रखना जरूरी है। यही परंपरा संगठन को भविष्य में भी मजबूती और स्थायित्व प्रदान करेगी।