शिक्षक सीट पर हरीकिशोर तिवारी के लिए भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, हर वोट पर संगठन की नजर

आगरा खंड शिक्षक MLC चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरीकिशोर तिवारी के समर्थन में पार्टी ने पूरी संगठनात्मक ताकत मैदान में उतार दी है। 12 जिलों के सांसद-विधायक, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी, पुराने ABVP कार्यकर्ता और संघ के स्वयंसेवक प्रचार में सक्रिय हैं। भाजपा ने हर वोट पर नजर रखने के साथ फर्जी मतदान रोकने के लिए भी विशेष तैयारी का दावा किया है। 21 अक्टूबर शाम चार बजे प्रचार थम जाएगा और 23 अक्टूबर को मतदान होगा।

Oct 21, 2026 - 14:01
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शिक्षक सीट पर हरीकिशोर तिवारी के लिए भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, हर वोट पर संगठन की नजर

12 जिलों में सांसद-विधायक से लेकर पुराने ABVP कार्यकर्ता तक संभाल रहे मोर्चा, फर्जी मतदान रोकने के लिए भी भाजपा ने कसी कमर

आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अब मुकाबला निर्णायक दौर में पहुंच गया है। मतदान से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षक सीट से अपने प्रत्याशी हरीकिशोर तिवारी के समर्थन में संगठन की पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने प्रचार अभियान को बूथ और मतदाता स्तर तक पहुंचाते हुए हर वोट पर निगरानी की रणनीति तैयार की है। पार्टी के सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला एवं महानगर अध्यक्षों के साथ ही ब्रज क्षेत्र के संगठन पदाधिकारियों को भी मैदान में उतारा गया है।

हरीकिशोर तिवारी के चुनाव प्रचार की कमान केवल मौजूदा संगठन पदाधिकारियों तक सीमित नहीं है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पुराने कार्यकर्ताओं की टीम भी सक्रिय होकर मतदाताओं तक पहुंच रही है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी चुनावी रणनीति को जमीन पर मजबूत करने में जुटे हैं। संगठन की कोशिश है कि शिक्षक मतदाताओं के बीच भाजपा प्रत्याशी का संपर्क अधिकतम स्तर तक पहुंचाया जाए।

हर वोट पर नजर, फर्जी मतदान रोकने की भी तैयारी

भाजपा ने चुनाव में फर्जी मतदान की आशंका को लेकर भी विशेष तैयारी की है। पार्टी स्तर पर संदिग्ध और फर्जी मतदाताओं की सूची तैयार किए जाने की बात सामने आई है। संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्रों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि कोई फर्जी मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंचता है तो इसकी सूचना प्रशासन को दी जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कराया जाएगा। इस रणनीति के जरिए भाजपा जहां अपने समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने पर जोर दे रही है, वहीं मतदान प्रक्रिया पर भी कड़ी नजर रखेगी।

12 जिलों में सांसद-विधायकों की लगाई ड्यूटी

भाजपा ने इस चुनाव को स्थानीय संगठन के भरोसे छोड़ने के बजाय 12 जिलों में अपने जनप्रतिनिधियों को सीधे चुनावी मैदान में उतारा है। सांसदों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षक सीट से हरीकिशोर तिवारी और स्नातक सीट से मानवेंद्र सिंह गुरुजी के समर्थन में सांसदों, विधायकों के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला एवं महानगर अध्यक्ष और ब्रज क्षेत्र के पदाधिकारियों को मतदान के अंतिम दिनों में पूरी सक्रियता के साथ जुटने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन की ओर से स्पष्ट संदेश है कि कोई भी मतदाता संपर्क से छूटना नहीं चाहिए। पदाधिकारियों को मतदाता सूची के अनुसार घर-घर संपर्क करने और प्रत्येक वोट को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

हरीकिशोर के लिए पुराने कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा

हरीकिशोर तिवारी के प्रचार अभियान की खास बात यह है कि इसमें भाजपा संगठन के साथ-साथ पुराने कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया गया है। ABVP से जुड़े रहे कार्यकर्ताओं की टीम शिक्षक मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान चला रही है। इन कार्यकर्ताओं के पुराने संपर्क और संगठनात्मक अनुभव को भाजपा अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। संघ के स्वयंसेवकों की सक्रियता से भी भाजपा के अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है। पार्टी की रणनीति में शिक्षक मतदाताओं के बीच व्यक्तिगत संपर्क, संगठनात्मक नेटवर्क और मतदान के दिन अधिकतम मतदान सुनिश्चित करना प्रमुख बिंदु हैं।

कांटे की टक्कर, भाजपा-सपा ने झोंकी ताकत

आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। भाजपा और सपा ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत लगा दी है। निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए अंतिम समय तक जोर लगा रहे हैं। सपा ने भी अपने सांसदों और विधायकों की जिलेवार ड्यूटी लगाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार मतदाताओं से संपर्क कर अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। ऐसे में अंतिम चरण में दोनों प्रमुख दलों के बीच संगठनात्मक ताकत की सीधी परीक्षा दिखाई दे रही है।

आज शाम थम जाएगा प्रचार

उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत 21 अक्टूबर को शाम चार बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक सार्वजनिक रूप से जनसंपर्क नहीं कर सकेंगे। प्रचार के अंतिम घंटों में भाजपा और सपा दोनों ही दल मतदाताओं से संपर्क और वोटिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मतदाताओं के घर वोटिंग पर्चियां भी पहुंचाई जा रही हैं। 22 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से 12 जिलों से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। 23 अक्टूबर को मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद सभी पोलिंग पार्टियां आगरा के टूंडला रोड स्थित गल्ला मंडी में बनाए गए मतगणना केंद्र पर पहुंचेंगी। 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी।

2.41 लाख मतदाता तय करेंगे दोनों सीटों का फैसला

आगरा खंड स्नातक-शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार कुल 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 13 प्रत्याशी स्नातक और 12 प्रत्याशी शिक्षक सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया और इटावा—कुल 12 जिलों के करीब 2.41 लाख मतदाता दोनों सीटों के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। शिक्षक सीट पर आगरा और स्नातक सीट पर अलीगढ़ में मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। मतदाताओं को अपनी पसंद के प्रत्याशियों के सामने बैंगनी रंग के पेन से वरीयता क्रम में अंक दर्ज करने होंगे।

चुनाव पर आयोग की भी कड़ी नजर

भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों के लिए अलग-अलग प्रेक्षक नियुक्त किए हैं। स्नातक सीट के लिए IAS हीरालाल और शिक्षक सीट के लिए IAS अभिषेक प्रकाश को प्रेक्षक बनाया गया है। शिक्षक सीट के प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश आगरा पहुंच चुके हैं। उनका प्रवास स्थल सर्किट हाउस के कक्ष संख्या-4 में निर्धारित किया गया है। निर्वाचन से संबंधित शिकायत अथवा सुझाव के लिए जनसामान्य प्रेक्षक से मोबाइल नंबर 9286549524 अथवा दूरभाष 0562-2991067 पर संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल के अनुसार आयोग के निर्देशों और आयुक्त/रिटर्निंग ऑफिसर के निर्देश के क्रम में 23 अक्टूबर को आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है।

अब अंतिम परीक्षा संगठन की

मतदान से पहले भाजपा ने जिस तरह शिक्षक सीट पर हरीकिशोर तिवारी के पक्ष में संगठनात्मक ताकत उतारी है, उससे मुकाबले की गंभीरता साफ दिखाई दे रही है। सांसदों और विधायकों से लेकर स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों, पुराने ABVP कार्यकर्ताओं और संघ के स्वयंसेवकों तक की सक्रियता ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। अब देखना होगा कि हरीकिशोर तिवारी के पक्ष में भाजपा का यह व्यापक संगठनात्मक अभियान 23 अक्टूबर को मतदान केंद्रों पर कितने वोटों में तब्दील होता है। फिलहाल पार्टी की रणनीति साफ है—हर मतदाता तक पहुंचना, हर वोट को सुरक्षित रखना और मतदान के दिन संगठन की पूरी ताकत को बूथ तक पहुंचाना।