हेमा मालिनी की ‘नृत्य नाटिका गंगा’ से कल गूंजेगा ब्रज, 130 दुकानों और गोकुल गांव के साथ सजेगा ब्रजरज उत्सव
मथुरा। ब्रज की संस्कृति, लोक परंपराओं और भक्ति संगीत का रंगारंग संगम शुक्रवार से ब्रजरज उत्सव में देखने को मिलेगा। उत्सव की सांस्कृतिक गतिविधियों का आगाज 23 अक्टूबर को वृंदावन के नवनिर्मित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में सांसद एवं सिने अभिनेत्री हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ से होगा, जबकि 24 अक्टूबर को मथुरा के धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर उत्सव का औपचारिक शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण करेंगे। इस बार उत्सव में 130 दुकानों के साथ खानपान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और मनोरंजन की व्यवस्था रहेगी। वहीं, गोकुल गांव की थीम पर तैयार विशेष परिसर में ब्रज की प्राचीन ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाई देगी।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि ब्रजरज उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार मथुरा के साथ वृंदावन में भी अतिथि कलाकारों की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। 24 अक्टूबर को धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर होने वाले औपचारिक शुभारंभ के अवसर पर प्रख्यात कलाकार ईशान मिश्रा सूफी गायन प्रस्तुत करेंगे।
उत्सव में प्रतिदिन अतिथि कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा। दोपहर 12 से दो बजे तक स्कूली बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, जबकि दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद अतिथि कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को ब्रज की सांस्कृतिक विविधता और संगीत की दुनिया से रूबरू कराएंगे।
130 दुकानों पर खानपान, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद
धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर आयोजित होने वाले मेले में खरीदारी, खानपान और मनोरंजन के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां कुल 130 दुकानें बनाई जा रही हैं। इनमें 30 दुकानें फूड कोर्ट, 20 हुनर हाट, 20 हस्तशिल्प, 20 एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) और 20 ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों के लिए निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा 20 दुकानें विभिन्न सरकारी विभागों के लिए रखी गई हैं, जहां विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे।
आगंतुकों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए जाएंगे। मेला स्थल के सामने मैदान में पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उत्सव में आने वाले लोगों को अपने वाहनों की पार्किंग में परेशानी न हो।
गोकुल गांव में दिखेगा पुराने ब्रज का जीवन
इस बार ब्रजरज उत्सव में गोकुल गांव विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। सीईओ लक्ष्मी नागप्पन के अनुसार, गोकुल गांव की थीम पर एक विशेष परिसर विकसित किया जा रहा है। इसमें प्राचीन घरों, गायों और पारंपरिक ग्रामीण परिवेश के माध्यम से ब्रज के पुराने गांव का स्वरूप साकार किया जाएगा। इस परिसर में आने वाले लोगों को ब्रज की लोक संस्कृति, परंपराओं और प्राचीन ग्रामीण जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
दो नवंबर तक सजेगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की महफिल
ब्रजरज उत्सव में 23 अक्टूबर से दो नवंबर तक मथुरा और वृंदावन में अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 23 अक्टूबर को वृंदावन के स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ का मंचन होगा। 24 अक्टूबर को धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर ईशान मिश्रा सूफी गायन प्रस्तुत करेंगे। 25 अक्टूबर को वृंदावन में सौरभ राज जैन की प्रस्तुति ‘मेरे कृष्ण’ और धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर रसिक वैष्णव का ‘ब्रज रस’ भजन कॉन्सर्ट होगा।
26 अक्टूबर को स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह, वृंदावन में रासलीला-गीता शोध संस्थान की प्रस्तुति होगी, जबकि धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर सुदेश भोसले की म्यूजिकल इवनिंग आयोजित की जाएगी। 27 अक्टूबर को धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर रूट्स नादात्म बैंड की संगीत प्रस्तुति और वृंदावन के स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में शिवानी मिश्रा का ‘कलर्स ऑफ यूपी’ कार्यक्रम होगा।
28 अक्टूबर को धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर ईशिता विश्वकर्मा भजन प्रस्तुत करेंगी, जबकि 29 अक्टूबर को लखबीर सिंह लक्खा की भजन प्रस्तुति होगी। 30 अक्टूबर को अतुल पंडित सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। 31 अक्टूबर को धौलीप्याऊ रेलवे ग्राउंड पर पद्मश्री रामदयाल की नौटंकी आयोजित होगी। एक नवंबर को मधुरम डिवोशनल म्यूजिकल बैंड अपनी प्रस्तुति देगा, जबकि दो नवंबर को इसी मैदान पर बैक स्टेज सिवलिंग की संगीत प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला आगे बढ़ेगा।
ब्रजरज उत्सव के माध्यम से ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं, भक्ति संगीत और पारंपरिक ग्रामीण जीवन को एक मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। मथुरा और वृंदावन में होने वाले कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलने के साथ आगंतुकों को ब्रज की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव भी मिलेगा।