बरेली में फर्जी मार्कशीट बनाने के आरोप में सेंटर संचालक गिरफ्तार, 27 मार्कशीट. 11 मोहरें और प्रमाणपत्र बरामद
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र तैयार कर उपलब्ध कराने के आरोप में बारादरी थाना पुलिस ने एक सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पंजाब के संगरूर निवासी राहुल से बीए के तीनों वर्षों की मार्कशीट दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के पास से विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के नाम से तैयार 27 मार्कशीट व प्रमाणपत्र, 11 मोहर, दो मोबाइल फोन, 8,970 रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
tवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने शुक्रवार को बताया कि फर्जी मार्कशीट तैयार कराने के मामले में राहुल निवासी जनपद संगरूर, पंजाब ने शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने बीए के तीनों वर्षों की मार्कशीट प्राप्त करने के लिए प्रदीप कुमार गंगवार से संपर्क किया था। आरोप है कि प्रदीप ने छह महीने के भीतर तीनों वर्षों की मार्कशीट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और इसके बदले उससे कुल 50 हजार रुपये ले लिए।
रुपये वापस मांगने पर संपर्क करना किया बंद
शिकायतकर्ता को कम समय में बीए के तीनों वर्षों की मार्कशीट उपलब्ध कराने के दावे पर संदेह हुआ। उसने दस्तावेजों की प्रामाणिकता के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद जब उसने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोप है कि प्रदीप कुमार गंगवार ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद राहुल ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने पर बारादरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपी की तलाश की।
मुखबिर की सूचना पर रेलवे ग्राउंड के पास गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वंश अस्पताल के पीछे रेलवे ग्राउंड के पास से प्रदीप कुमार गंगवार (45) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय आरोपी एक स्कूटी के पास खड़ा था और उसके कंधे पर काला बैग टंगा हुआ था। पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो उसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के नाम से तैयार मार्कशीट व प्रमाणपत्र मिले।
बीए की मार्कशीट से व्यावसायिक प्रमाणपत्र तक बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बैग से कुल 27 मार्कशीट और प्रमाणपत्र बरामद किए गए। इनमें बीए के अलग-अलग वर्षों की मार्कशीट, विभिन्न सेमेस्टर की मार्कशीट और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से संबंधित प्रमाणपत्र शामिल हैं। इनके अलावा 11 मोहर, एक कटर, 8,970 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बरामद कुछ व्यावसायिक प्रमाणपत्रों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। मामले में बरामद दस्तावेजों की प्रामाणिकता, शिकायतकर्ता से कथित लेनदेन और इस गतिविधि में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। दस्तावेजों के फर्जी होने और उनसे जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि स्वतंत्र जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्कूटी सीज, बीएनएस की धाराओं में मुकदमा
पुलिस ने आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने के आधार पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत आरोपी की स्कूटी सीज कर दी है। बरामद मोबाइल फोन, नकदी, मार्कशीट, प्रमाणपत्र और मोहरों को भी नियमानुसार कब्जे में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार गंगवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 341(2) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कथित तौर पर कितने लोगों को ऐसे दस्तावेज उपलब्ध करा चुका है और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।