डीईआई में 285 स्वयंसेवकों ने खेलों से दिया नशामुक्ति का संदेश, छात्राओं ने खो-खो में दिखाया दम

आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाइयों ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताओं और विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। इसमें करीब 285 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में खो-खो और रस्साकशी के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

Oct 23, 2026 - 20:22
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डीईआई में 285 स्वयंसेवकों ने खेलों से दिया नशामुक्ति का संदेश, छात्राओं ने खो-खो में दिखाया दम
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की एनएसएस इकाई द्वारा नशा मुक्त युवा फॊर विकसित भारत अभियान के तहत आयोजित की गई खेलकूद प्रतियोगिताओं की एक झलक।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष व्याख्यान सत्र से हुआ। डीईआई के खेल शिक्षक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर वासु गुप्ता ने ‘आधुनिक व्यस्त जीवनशैली में खेलों का महत्व’ विषय पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज की डिजिटल और भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और शारीरिक रूप से चुस्त रहने में पारंपरिक खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित खेलकूद को दिनचर्या का हिस्सा बनाने से युवा स्वस्थ रह सकते हैं और नकारात्मक आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित होते हैं।

खो-खो और रस्साकशी में दिखा दमखम

व्याख्यान के बाद खेल मैदान पर पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्राओं के बीच खो-खो का मुकाबला हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने गति, चपलता और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। दर्शकों ने तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

इसके बाद छात्र और छात्राओं, दोनों वर्गों में रस्साकशी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने टीमवर्क, आपसी तालमेल और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का महत्व समझाया गया।

नशामुक्त युवा ही रखेंगे विकसित भारत की नींव

एनएसएस समन्वयक डॉ. सानिल कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त युवा ही सशक्त एवं विकसित भारत की नींव रख सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ समाज में भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रजनीश मीना तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ललित मोहन और डॉ. राकेश कुमार की एनएसएस इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें लगभग 285 स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। समापन पर विजेता टीमों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों की सराहना की गई।

SP_Singh AURGURU Editor