डिलीवरी बॉय का ‘लूट कांड’ निकला फर्जी, ऑनलाइन गेम की लत ने खोल दी पोल
आगरा में ऑनलाइन एविएटर गेम में 1,12,800 रुपये हारने के बाद कंपनी के 95 हजार रुपये जमा करने से बचने के लिए अमेजन डिलीवरी बॉय अंशुल यादव ने लूट की झूठी कहानी रच दी। उसने 23 अक्टूबर को पुलिस को सूचना दी थी कि 22 अक्टूबर की रात स्कूटी सवार तीन बदमाश उससे नकदी और मोबाइल लूट ले गए। ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को चोट पहुंचाकर और कपड़े फाड़कर लूट का नाटक किया था। उसकी निशानदेही पर वीवो मोबाइल और 5,610 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एडीसीपी मनोज कुमार ने मामले की जानकारी दी।
ऑनलाइन गेम में ₹1.12 लाख हारा, कंपनी के ₹95 हजार बचाने को रची लूट की झूठी कहानी, अमेजन डिलीवरी बॉय गिरफ्तार, खुद को चोट पहुंचाकर और कपड़े फाड़कर रचा था लूट का नाटक
आगरा। ऑनलाइन गेम में 1.12 लाख रुपये से अधिक की रकम गंवाने के बाद कंपनी के कैश कलेक्शन के 95 हजार रुपये जमा करने से बचने के लिए एक अमेजन डिलीवरी बॉय ने लूट की झूठी कहानी रच डाली। आरोपी ने पुलिस को सूचना दी कि स्कूटी सवार तीन बदमाश उससे 95 हजार रुपये और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। हालांकि, ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की तो पूरी कहानी फर्जी निकली। पुलिस ने शिकायतकर्ता और मुकदमे के वादी अंशुल यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर वीवो मोबाइल फोन और 5,610 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एडीसीपी मनोज कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से मिलान किया। इसके बाद कथित लूट की कहानी पर संदेह गहराया और पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया।
23 अक्टूबर को दी थी 95 हजार रुपये लूटने की सूचना
पुलिस के मुताबिक, अमेजन कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करने वाले अंशुल यादव ने 23 अक्टूबर को पुलिस को शिकायत दी थी। उसने बताया कि 22 अक्टूबर की रात वह कंपनी के डिलीवरी से संबंधित रुपये जमा कराने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कूटी सवार तीन व्यक्ति आए और उससे 95 हजार रुपये तथा मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कथित घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल की गई। जांच में पुलिस को शिकायत में बताई गई लूट की घटना संदिग्ध लगी। इसके बाद अंशुल से पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित लूट की कहानी खुद गढ़ने की बात स्वीकार की।
एविएटर गेम में हार गया था 1,12,800 रुपये
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि अंशुल यादव ऑनलाइन एविएटर गेम खेलता था। इसमें वह 1,12,800 रुपये हार चुका था। इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद उसके सामने कंपनी के कैश कलेक्शन के 95 हजार रुपये जमा करने की चुनौती थी। पुलिस के अनुसार, इसी रकम को जमा करने से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी तैयार की। आरोपी ने कथित तौर पर यह दिखाने की कोशिश की कि कंपनी के रुपये और उसका मोबाइल बदमाश लूटकर ले गए हैं, जिससे उस पर नकदी जमा करने की जिम्मेदारी न रहे और रकम के गायब होने का ठीकरा अज्ञात बदमाशों पर फोड़ा जा सके।
खुद को चोट पहुंचाई, कपड़े फाड़कर रचा लूट का नाटक
पुलिस के मुताबिक, अपनी कहानी को सच साबित करने के लिए अंशुल ने खुद को चोट पहुंचाई और कपड़े भी फाड़ लिए थे। इसके जरिए वह पुलिस को यह विश्वास दिलाना चाहता था कि उसके साथ रास्ते में लूटपाट और मारपीट हुई है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने उसके दावे को गलत पाया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन गेम खेलने और उसमें 1,12,800 रुपये गंवाने से संबंधित साक्ष्य मिले। इन तथ्यों के सामने आने के बाद कथित लूट की शिकायत का राज खुल गया।
मोबाइल और 5,610 रुपये नकद बरामद
ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने मामले में शिकायतकर्ता अंशुल यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वीवो मोबाइल फोन और 5,610 रुपये नकद बरामद किए हैं। एडीसीपी मनोज कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर किया गया। इस मामले ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि किसी अपराध की सूचना मिलने के बाद पुलिस केवल शिकायत के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालती, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच भी करती है। ऑनलाइन गेम में रकम गंवाने के बाद कंपनी की नकदी को लेकर कथित तौर पर रची गई इस झूठी कहानी का खुलासा भी इसी जांच के जरिए हुआ। ट्रांस यमुना थाना पुलिस ने मामले के वादी अंशुल यादव को गिरफ्तार कर कथित फर्जी लूट की घटना का खुलासा किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस की ओर से की जा रही है।