खाटू श्याम के दर्शन से लौट रहे आगरा के 4 दोस्तों की दर्दनाक मौत, 30 फीट गहरी खाई में गिरी कार

खाटू श्याम के दर्शन कर आगरा लौट रहे छह दोस्तों की कार शुक्रवार सुबह जयपुर के रायसर के पास हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर का टायर फटने के बाद कार करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में आगरा के चार दोस्तों—अतुल वार्ष्णेय, मुकुल जायसवाल, रूपेश जाटव और शिवा सिंह—की मौत हो गई, जबकि राहुल शर्मा और अर्पित बंसल घायल हैं। अतुल धार्मिक आयोजनों की यूट्यूब लाइव कवरेज करते थे और एकादशी पर खाटू श्याम में भजन-कीर्तन का लाइव करने के बाद दोस्तों के साथ लौट रहे थे। हादसे के साथ राजस्थान में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ओवरस्पीडिंग के आंकड़े भी सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

Oct 23, 2026 - 13:43
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खाटू श्याम के दर्शन से लौट रहे आगरा के 4 दोस्तों की दर्दनाक मौत, 30 फीट गहरी खाई में गिरी कार
सड़क किनारे करीब 30 फीट गहरी खाई में गिरी कार। नीचे मृतकों के फाइल फोटो।

टायर फटने से बेकाबू हुई तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर, हादसे में दो दोस्त घायल; जयपुर के एनआईएमएस अस्पताल में चल रहा इलाज

जयपुर/आगरा। खाटू श्याम के दर्शन और भजन-कीर्तन की लाइव कवरेज कर आगरा लौट रहे छह दोस्तों की खुशियों भरी यात्रा शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसे में बदल गई। दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे-148 पर रायसर के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार का अचानक टायर फट गया। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी और कई बार पलट गई। हादसे में आगरा के चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जयपुर के एनआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा इतना भीषण कि खाई में जा गिरी कार

हादसा शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP 83 AU 6399 तेज रफ्तार से जा रही थी। रायसर के पास अचानक कार का टायर फट गया। टायर फटते ही चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क से नीचे उतरकर करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरा। कार के खाई में गिरते ही उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला गया।

चार परिवारों में पसरा मातम

पुलिस के अनुसार हादसे में रामबाग निवासी अतुल वार्ष्णेय (35), कालिंदी विहार निवासी मुकुल जायसवाल (21), रूपेश जाटव (25) और शिवा सिंह (20) की मौत हुई है। वहीं नुनिहाई निवासी राहुल शर्मा (36) और बलकेश्वर निवासी अर्पित बंसल (20) घायल हुए हैं। दोनों का जयपुर के NIMS अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की खबर आगरा पहुंचते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। जिन दोस्तों के साथ कुछ घंटे पहले तक धार्मिक यात्रा और भजन-कीर्तन की खुशियां थीं, उन्हीं परिवारों को सुबह-सुबह उनकी मौत की खबर मिली।

अतुल के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे में जान गंवाने वाले अतुल वार्ष्णेय अपने परिवार के लिए बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वर्ष 2016 में उनकी शादी सिम्मी वार्ष्णेय से हुई थी। दंपती की तीन बेटियां हैं रूद्रांशी (9), ख्याति (5) और महज तीन महीने की तृषा। अतुल के पिता वीरेंद्र घर के नीचे परचून की दुकान चलाते हैं, जबकि परिवार पहली मंजिल पर रहता है। अतुल शादी समारोहों में फोटोग्राफी के साथ-साथ यूट्यूब पर लाइव कवरेज का काम भी करते थे। उनके छोटे भाई रोहित वार्ष्णेय ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने परिवार को हादसे की सूचना दी।

एकादशी पर भजन-कीर्तन की लाइव कवरेज करने गए थे

रोहित के मुताबिक, अतुल 21 अक्टूबर को अपने दोस्तों और स्टाफ के साथ आगरा से खाटू श्याम के लिए रवाना हुए थे। 22 अक्टूबर को एकादशी के अवसर पर वहां होने वाले भजन-कीर्तन की यूट्यूब पर लाइव कवरेज करनी थी। लाइव कवरेज पूरी करने के बाद सभी लोग कार से वापस आगरा के लिए रवाना हुए थे। कार अतुल के नाम पर ही थी, जबकि हादसे के समय उनका दोस्त राहुल शर्मा कार चला रहा था। अतुल 'डब्ल्यूएच स्टूडियो' नाम से यूट्यूब चैनल चलाते थे। चैनल पर करीब 1.64 लाख सब्सक्राइबर हैं और 786 वीडियो अपलोड किए जा चुके हैं। धार्मिक आयोजनों, भजन-कीर्तन और कार्यक्रमों की लाइव कवरेज उनके काम का अहम हिस्सा थी।

हादसे के बाद हाईवे पर लगा लंबा जाम

दुर्घटना के बाद मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर लोगों की भीड़ जुटने और राहत-बचाव अभियान के चलते करीब एक घंटे तक ट्रैफिक धीमा रहा। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद यातायात को सामान्य कराया। इसके बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को खाई से बाहर निकलवाया गया।

राजस्थान में सड़क हादसों की बड़ी वजह बन रही तेज रफ्तार

रायसर का यह हादसा सिर्फ छह परिवारों की जिंदगी बदलने वाली घटना नहीं है, बल्कि राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। ट्रांसपोर्ट और पुलिस विभाग के अलग-अलग आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान देश में सड़क हादसों के मामले में छठे स्थान पर बना हुआ है। वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 23,820 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें से 15,647 हादसे तेज रफ्तार के कारण हुए। यानी राज्य में हुए कुल सड़क हादसों में करीब 63 फीसदी दुर्घटनाओं की वजह ओवरस्पीडिंग रही।

हादसे कम हुए, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ गया

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या 2024 की तुलना में 1,018 कम रही। इसके बावजूद सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी नहीं आई, बल्कि 307 अधिक लोगों की जान चली गई। वर्ष 2025 में सड़क हादसों में करीब 7,600 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बावजूद हादसों की गंभीरता और उनमें होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। रायसर हादसे में भी तेज रफ्तार वाहन का टायर फटना और उसके बाद कार का नियंत्रण से बाहर होकर गहरी खाई में गिरना सड़क सुरक्षा की चुनौती को सामने लाता है।

एक सफर, कई जिंदगियां और पीछे छूट गए परिवार

खाटू श्याम के दर्शन, एकादशी का भजन-कीर्तन और उसकी लाइव कवरेज के बाद छह दोस्त आगरा लौट रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह सफर चार परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा। एक हादसे ने चार घरों के चिराग बुझा दिए। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई और किसी परिवार ने पति। अतुल के पीछे उनकी पत्नी और तीन छोटी बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी अभी महज तीन महीने की है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर कुछ सेकंड की तेज रफ्तार कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।