आगरा में अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़, सिम और सिम बॉक्स के साथ दो गिरफ्तार

आगरा में साइबर क्राइम पुलिस, SOG, सर्विलांस और दूरसंचार विभाग की संयुक्त टीम ने बीवी एंटरप्राइजेज परिसर में छापेमारी कर कथित अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार किया है। मौके से 8 सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड, 96 रेडियो एंटीना, 5 लैपटॉप, डेल सर्वर और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद हुए। जांच में लोन रिकवरी के नाम पर धमकी और साइबर फ्रॉड से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दूसरे जनपद में संचालित बताए जा रहे कार्यालय की भी जांच कर रही है।

Oct 22, 2026 - 16:23
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आगरा में अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़, सिम और सिम बॉक्स के साथ दो गिरफ्तार
आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम के सदस्य डीसीपी के साथ।

बीवी एंटरप्राइजेज में चल रहा था संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप, लोन रिकवरी के नाम पर धमकी और साइबर फ्रॉड से जुड़े तार सामने आए, पुलिस ने लैपटॉप, सर्वर और नेटवर्किंग उपकरण भी किए जब्त

आगरा। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आगरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम पुलिस, SOG, सर्विलांस टीम और दूरसंचार विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। टीम ने बीवी एंटरप्राइजेज के परिसर में छापेमारी कर दो आरोपियों आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार किया है। मौके से बड़ी संख्या में सिम कार्ड, सिम बॉक्स, रेडियो एंटीना, लैपटॉप, सर्वर और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के जरिए संदिग्ध टेलीकॉम गतिविधियां संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच में लोन रिकवरी के नाम पर लोगों को धमकाने और साइबर फ्रॉड से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और इसके पीछे कितने लोग सक्रिय थे।

8 सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड और 96 रेडियो एंटीना बरामद

संयुक्त टीम ने बीवी एंटरप्राइजेज के परिसर में कार्रवाई के दौरान 8 सिम बॉक्स, 221 सिम कार्ड और 96 रेडियो एंटीना बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने 5 लैपटॉप, एक डेल सर्वर और कई नेटवर्किंग उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि एक सिम बॉक्स में 32 सिम स्लॉट थे। ऐसे ही उपकरणों के जरिए बड़ी संख्या में मोबाइल सिम को एक साथ नेटवर्क से जोड़कर कॉल और अन्य दूरसंचार गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं। बरामद उपकरणों और सिम कार्डों की तकनीकी जांच कर पुलिस इनके इस्तेमाल और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

31 संदिग्ध मोबाइल नंबरों से खुला नेटवर्क का राज

पुलिस को जांच के दौरान 31 संदिग्ध मोबाइल नंबरों से जुड़े इनपुट मिले। इन नंबरों की गतिविधियों और तकनीकी जानकारी की पड़ताल के दौरान पुलिस को कथित अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क की जानकारी मिली। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस, SOG, सर्विलांस और दूरसंचार विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जांच एजेंसियां अब बरामद सिम कार्डों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डेटा खंगाल रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन सिम का इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने, किस तरह की कॉलिंग या अन्य साइबर गतिविधियों में किया जा रहा था।

लोन रिकवरी के नाम पर धमकी देने के भी आरोप

प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार लोन रिकवरी के नाम पर लोगों को धमकाने और साइबर फ्रॉड से जुड़े होने के तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस इस पहलू को गंभीरता से जांच रही है। अधिकारियों का मानना है कि बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद नेटवर्क के संचालन और कथित साइबर गतिविधियों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि सिम बॉक्स नेटवर्क किसके निर्देश पर संचालित किया जा रहा था, सिम कार्ड कहां से हासिल किए गए और इस पूरे सेटअप में अन्य किन लोगों की भूमिका थी। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि नेटवर्क से जुड़ा एक अन्य कार्यालय किसी दूसरे जनपद में भी संचालित होने की बात सामने आ रही है। पुलिस इस सूचना का सत्यापन कर रही है और संबंधित स्थान की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से खुलेंगे कई राज

पुलिस ने बरामद लैपटॉप, डेल सर्वर और अन्य नेटवर्किंग उपकरणों को जांच के दायरे में लिया है। इनमें मौजूद डेटा, कॉलिंग से संबंधित जानकारी, सिम कार्डों का रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल थाना साइबर क्राइम, आगरा में दर्ज मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।