आगरा में जुटेंगे देश के दिग्गज हृदय रोग विशेषज्ञ, नई तकनीकों और आधुनिक उपचार पर होगा महामंथन
आगरा में 24-25 अक्टूबर को ‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित होगा। आगरा इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी सोसाइटी के तत्वावधान में होने वाले सम्मेलन में देशभर के प्रमुख कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन हार्ट फेलियर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, एओर्टा, कार्डियक सर्जरी और TAVR जैसी आधुनिक तकनीकों व उपचार पद्धतियों पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन में पद्मश्री समेत कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल होंगे। 25 अक्टूबर को मेडिकल छात्रों, जूनियर रेजिडेंट और कार्डियक टेक्नीशियन के लिए विशेष इकोकार्डियोग्राफी वर्कशॉप भी होगी, जिसमें लाइव डेमो और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सम्मेलन के दौरान कार्डियोलॉजी में उत्कृष्ट योगदान के लिए एक वरिष्ठ चिकित्सक को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा।
24-25 अक्टूबर को ‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ का आयोजन, हार्ट फेलियर से लेकर TAVR और एओर्टा सर्जरी तक जटिल उपचार पर होगी चर्चा
आगरा। हृदय रोगों के तेजी से बढ़ते मामलों और चिकित्सा क्षेत्र में लगातार विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों के बीच आगरा देशभर के विशेषज्ञ हृदय रोग चिकित्सकों के महत्वपूर्ण संवाद का केंद्र बनने जा रहा है। आगरा इंटरवेंशन कार्डियोलॉजी सोसाइटी के तत्वावधान में 24 और 25 अक्टूबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार ‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़े जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन के दौरान हृदय रोगों के आधुनिक उपचार, अत्याधुनिक इंटरवेंशनल तकनीकों, नई चिकित्सा गाइडलाइंस और जटिल मामलों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही चिकित्सक अपने अनुभव, शोध और महत्वपूर्ण केस स्टडीज भी साझा करेंगे।
दो दिनों में दो प्रमुख होटल बनेंगे चिकित्सा मंथन का केंद्र
कॉन्फ्रेंस का पहला दिन 24 अक्टूबर को होटल जेपी पैलेस में आयोजित होगा, जबकि 25 अक्टूबर को होटल हॉलीडे इन, संजय प्लेस में विभिन्न विशेष सत्र होंगे। आयोजन का उद्देश्य हृदय रोगों के उपचार में सामने आ रही नई चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों को लेकर चिकित्सकों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना है।
सम्मेलन में विशेष रूप से हार्ट फेलियर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, एओर्टा संबंधी रोग एवं कार्डियक सर्जरी और स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा TAVR (Transcatheter Aortic Valve Replacement) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों और जटिल हृदय रोगियों के उपचार में इनके उपयोग पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ के आयोजन सचिव डॉ. सुवीर गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख चिकित्सा केंद्रों से विशेषज्ञ चिकित्सक भाग लेंगे। विशेषज्ञ अपने क्षेत्र में हुए नवीनतम शोध, उपचार की आधुनिक पद्धतियों और जटिल मरीजों के उपचार के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करेंगे।
सम्मेलन के प्रमुख वक्ताओं में नोएडा से पद्मश्री डॉ. डी.एस. गंभीर, गुरुग्राम से पद्मश्री डॉ. प्रवीन चंद्रा, मेरठ से डॉ. मुनेश तोमर, प्रयागराज से डॉ. ओमर हसन, नई दिल्ली से डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. विवेका कुमार और डॉ. सुमित सेठी तथा मैसूर से डॉ. राजगोपाल जे. शामिल हैं। आगरा से डॉ. सुवीर गुप्ता, डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. सौरभ नागर और डॉ. हिमांशु यादव सहित अन्य विशेषज्ञ भी विभिन्न सत्रों में अपने अनुभव और केस स्टडीज प्रस्तुत करेंगे।
जटिल हृदय रोगों के बेहतर इलाज पर रहेगा फोकस
सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य चिकित्सकों को हृदय रोगों के इलाज में हो रहे नवीनतम बदलावों और नई गाइडलाइंस से अपडेट कराना है। विशेषज्ञ हार्ट फेलियर के आधुनिक प्रबंधन, कोरोनरी आर्टरी डिजीज के उपचार, एओर्टिक रोगों की जटिलताओं तथा कार्डियक सर्जरी में बदलती तकनीकों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज के क्षेत्र में तेजी से उभर रही तकनीकों, विशेषकर TAVR, पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। ऐसे सत्रों से चिकित्सकों को जटिल मामलों में उपचार के विभिन्न विकल्पों और तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
ब्रज की संस्कृति से भी रूबरू होंगे देशभर से आए विशेषज्ञ
आयोजकों के अनुसार, ‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ केवल चिकित्सा ज्ञान और तकनीकी चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर से आगरा पहुंचने वाले विशेषज्ञों को ब्रज क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का भी प्रयास किया जाएगा। चिकित्सा विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का यह मेल सम्मेलन को विशिष्ट बनाएगा।
वरिष्ठ चिकित्सक को मिलेगा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’
सम्मेलन के दौरान कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय और लंबे समय तक उत्कृष्ट योगदान देने वाले एक वरिष्ठ हृदय रोग चिकित्सक को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान और सेवाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा।
मेडिकल छात्रों के लिए विशेष इकोकार्डियोग्राफी वर्कशॉप
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण मेडिकल छात्रों और युवा चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष इकोकार्डियोग्राफी वर्कशॉप होगी। डॉ. शरद पालीवाल ने बताया कि यह वर्कशॉप 25 अक्टूबर को होटल हॉलीडे इन, संजय प्लेस में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसमें एमडी मेडिसिन के छात्र, जूनियर रेजिडेंट और कार्डियक टेक्नीशियन हिस्सा ले सकेंगे। वर्कशॉप का उद्देश्य प्रतिभागियों को इकोकार्डियोग्राफी की बुनियादी समझ देने के साथ उसके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को इकोकार्डियोग्राफी क्या है, हृदय की पंपिंग क्षमता यानी LVEF कैसे मापी जाती है, हृदय के वाल्व में खराबी की पहचान कैसे की जाती है और इको रिपोर्ट को किस तरह पढ़ा एवं समझा जाता है, इसकी बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही लाइव डेमो और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस भी कराई जाएगी।
युवा चिकित्सकों के लिए उपयोगी साबित होगी वर्कशॉप
आयोजकों का मानना है कि हृदय रोगों की शुरुआती पहचान और सही उपचार में इकोकार्डियोग्राफी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में मेडिकल छात्रों और युवा चिकित्सकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने से उन्हें मरीजों की जांच और रिपोर्ट की प्राथमिक समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
ब्रोशर का किया गया विमोचन
कॉन्फ्रेंस को लेकर गुरुवार को होटल हॉलीडे इन में आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम के ब्रोशर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन की रूपरेखा, विभिन्न सत्रों, विशेषज्ञ वक्ताओं और मेडिकल छात्रों के लिए आयोजित होने वाली वर्कशॉप की जानकारी साझा की गई।
ब्रोशर विमोचन कार्यक्रम में डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. सुवीर गुप्ता, डॉ. एस.के. कालरा, डॉ. के.के. विश्वानी, डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. जय बाबू, समाजसेवी वीरेंद्र गुप्ता ट्रांसपोर्टर और देवेंद्र ढल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। ‘कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0’ के जरिए विशेषज्ञों, युवा चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां आधुनिक कार्डियोलॉजी की तकनीकों, उपचार पद्धतियों और जटिल हृदय रोगों के प्रबंधन पर व्यापक चर्चा होगी।