संयुक्त राष्ट्र में सांसद नवीन जैन ने की डिजिटल तकनीक और एआई पर अहम चर्चा, ग्लोबल साउथ के विकास पर जोर

न्यूयॊर्क/आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लिया। भारतीय संसदीय दल के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में उन्होंने डिजिटल एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव एवं विशेष दूत अमनदीप सिंह गिल के साथ बैठक में सहभागिता की। चर्चा में ग्लोबल साउथ के देशों तक डिजिटल तकनीक की पहुंच बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग मजबूत करने तथा एआई के संभावित अवसरों, चुनौतियों और जोखिमों पर विचार-विमर्श हुआ।

Oct 24, 2026 - 21:04
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संयुक्त राष्ट्र में सांसद नवीन जैन ने की डिजिटल तकनीक और एआई पर अहम चर्चा, ग्लोबल साउथ के विकास पर जोर
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धमता पर हुई चर्चाओं के दौरान यूएन अधिकारियों और भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद सांसद नवीन जैन। 

बैठक में डिजिटल प्रौद्योगिकियों के वैश्विक विस्तार और विकास की बदलती जरूरतों के अनुरूप तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। डिजिटल तकनीक आज शिक्षा, संचार, प्रशासन, आर्थिक गतिविधियों और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे में विभिन्न देशों के बीच तकनीकी क्षमताओं के विकास, ज्ञान के आदान-प्रदान और डिजिटल सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

ग्लोबल साउथ के देशों में डिजिटल तकनीक के विकास और विस्तार में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका बैठक का प्रमुख विषय रही। विकासशील देशों तक आधुनिक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित करना और उन्हें डिजिटल प्रगति के अवसरों से जोड़ना वैश्विक सहयोग के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इस संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विभिन्न देशों के बीच समन्वय की भूमिका पर विचार किया गया।

एआई के अवसरों के साथ जोखिमों पर भी चर्चा

बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बदलते स्वरूप पर भी चर्चा हुई। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन इसके साथ संभावित जोखिमों और प्रभावों को समझना भी जरूरी है। तकनीकी विकास को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने के साथ एआई के जिम्मेदार उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

डिजिटल सहयोग भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार

डिजिटल नवाचार अब केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास की दिशा को भी प्रभावित कर रहा है। डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी क्षमताओं का विस्तार और देशों के बीच सहयोग आर्थिक एवं सामाजिक विकास के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों के लिए डिजिटल तकनीक का विस्तार विकास की संभावनाओं को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान हुई इस बैठक में नवीन जैन की सहभागिता वैश्विक स्तर पर डिजिटल विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चल रहे संवाद का हिस्सा रही। बैठक में तकनीकी प्रगति के साथ जिम्मेदारी, सहयोग और संभावित जोखिमों के प्रति सतर्कता को भी महत्वपूर्ण माना गया।

SP_Singh AURGURU Editor