एसएन में डिजिटल हेल्थकेयर की नई पहल, पीएसीएस सेवा का भव्य शुभारंभ

सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में 23 अक्टूबर 2026 को पीएसीएस (Picture Archiving and Communication System) सेवा का शुभारंभ किया गया। प्राचार्य एवं डीन प्रो. डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया। पीएसीएस के माध्यम से सीटी स्केन, एमआरआई और डिजिटल एक्सरे की इमेज डिजिटल रूप से तुरंत उपलब्ध हो सकेंगी। इससे ICU, Emergency और विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों को मरीजों की जांच देखने में तेजी मिलेगी, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा फिल्म-लेस व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

Oct 23, 2026 - 21:01
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एसएन में डिजिटल हेल्थकेयर की नई पहल, पीएसीएस सेवा का भव्य शुभारंभ
रेडियोडायग्नोसिस विभाग में पीएसीएस सेवा का शुभारंभ करते डॉ. प्रशांत गुप्ता।

अब सीटी स्केन, एमआरआई और डिजिटल एक्सरे की इमेजिंग रिपोर्टिंग होगी और भी तेज, इमरजेंसी व गंभीर मरीजों को मिलेगा तत्काल लाभ, मेडिकल रिकॉर्ड भी रहेगा सुरक्षित

आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में मरीजों को बेहतर, त्वरित और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पीएसीएस (Picture Archiving and Communication System) सेवा का आज भव्य शुभारंभ किया गया। अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली का आधिकारिक उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन प्रोफेसर डॉ. प्रशांत गुप्ता ने फीता काटकर किया।

पीएसीएस सेवा के शुरू होने के साथ ही रेडियोडायग्नोसिस विभाग में मरीजों की सीटी स्केन, एमआरआई और डिजिटल एक्सरे से संबंधित इमेजिंग को डिजिटल रूप से संग्रहित, प्रदर्शित और साझा करना अधिक आसान और तेज हो जाएगा। इससे चिकित्सकों को मरीज की जांच संबंधी तस्वीरों और रिपोर्ट तक शीघ्र पहुंच मिलेगी तथा उपचार प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर रेडियोडायग्नोसिस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हरि सिंह सहित उप प्रधानाचार्य डॉ. टी.पी. सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ. ब्रजेश शर्मा, डॉ. अंकुर गोयल, डॉ. शैलेंद्र चौधरी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. करिश्मा गुप्ता, डॉ. अजय श्रीवास्तव, डॉ. वी.पी. पांडेय सहित रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।

सेकंडों में उपलब्ध होंगी डिजिटल इमेजिंग जांचें

पीएसीएस प्रणाली के माध्यम से सीटी स्केन, एमआरआई और डिजिटल एक्सरे जैसी महत्वपूर्ण रेडियोलॉजी जांचों की इमेज डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध रहेंगी। इससे पारंपरिक फिल्म तैयार होने और उसके मरीज या चिकित्सक तक पहुंचने में लगने वाले समय को कम किया जा सकेगा। डॉक्टर डिजिटल स्क्रीन या कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से मरीज की इमेजिंग को आसानी से देख सकेंगे। इससे रेडियोलॉजी जांच के आधार पर उपचार संबंधी निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

इमरजेंसी और आईसीयू मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी

पीएसीएस का सबसे महत्वपूर्ण लाभ गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को मिलेगा। आईसीयू, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों में तैनात चिकित्सक अपने कंप्यूटर सिस्टम या डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से मरीज की रेडियोलॉजी इमेज को तत्काल देख सकेंगे। इससे गंभीर परिस्थितियों में डॉक्टरों को जांच की फिल्म का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और मरीज की स्थिति के अनुरूप उपचार शुरू करने में तेजी आएगी। विशेष रूप से ट्रॉमा, गंभीर चोट, न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी और अन्य जटिल मामलों में यह प्रणाली चिकित्सकीय निर्णय प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में सहायक होगी।

पुरानी जांचों का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित

पीएसीएस के जरिए मरीजों की रेडियोलॉजी इमेजिंग और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जा सकेगा। भविष्य में मरीज के दोबारा अस्पताल आने पर चिकित्सक उसकी पिछली जांचों को देखकर वर्तमान स्थिति से तुलना कर सकेंगे। इससे उपचार की निरंतरता बनाए रखने और बीमारी के विकास या उपचार के प्रभाव का आकलन करने में भी सुविधा मिलेगी। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण पुरानी फिल्म या रिपोर्ट को भौतिक रूप से खोजने की आवश्यकता भी कम होगी।

फिल्म-लेस व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

पीएसीएस के लागू होने से रेडियोलॉजी विभाग में फिल्म-लेस डिजिटल वर्कफ्लो को बढ़ावा मिलेगा। एक्स-रे, CT Scan और अन्य इमेजिंग की फिल्मों पर निर्भरता कम होने से संसाधनों की बचत होगी और अस्पताल की सेवाओं को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से रेडियोलॉजी इमेज साझा किए जाने से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

आधुनिक और पारदर्शी चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है एसएन-डॉ. प्रशांत गुप्ता 

इस अवसर पर प्राचार्य एवं डीन प्रोफेसर डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज लगातार मरीजों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएसीएस सेवा की शुरुआत कॉलेज में डिजिटल हेल्थकेयर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से न केवल मरीजों की जांच एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना का त्वरित आदान-प्रदान भी संभव होगा। इससे चिकित्सकों को मरीज के उपचार के संबंध में समय पर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

डॉ. हरि सिंह: डिजिटल हेल्थकेयर की दिशा में क्रांतिकारी कदम

रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. हरि सिंह ने पीएसीएस सेवा को डिजिटल हेल्थकेयर की दिशा में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि पीएसीएस के माध्यम से रेडियोडायग्नोसिस विभाग की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और मरीजों को सटीक, त्वरित एवं सुविधाजनक रिपोर्टिंग की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल इमेजिंग प्रणाली के कारण चिकित्सकों को मरीज की जांच देखने और उसका चिकित्सकीय मूल्यांकन करने में सुविधा होगी। इससे रेडियोलॉजी विभाग तथा अस्पताल के अन्य विभागों के बीच समन्वय को भी मजबूती मिलेगी।

मरीजों की सुविधा और बेहतर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

पीएसीएस सेवा का शुभारंभ एस.एन. मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल इमेजिंग, सुरक्षित मेडिकल रिकॉर्ड, तेज रिपोर्टिंग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से अस्पताल की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाने में मदद मिलेगी। इस अत्याधुनिक प्रणाली के माध्यम से एस.एन. मेडिकल कॉलेज में डिजिटल, तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल रेडियोलॉजी सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।