सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मालिक हरिराम बंसल पकड़ा गया, पुलिस ने हिरासत में लिया, पांच अधिकारी सस्पेंड

सत्य निकेतन में रविवार (6 अक्टूबर) को 5 मंजिला इमारत ढहने से दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चला जो अभी भी जारी है। अब तक 7 की मौत हो चुकी है। 12 घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सत्य निकेतन इमारत का मालिक हरिराम बंसल पकड़ा गया है। वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है । 

Sep 7, 2026 - 14:58
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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मालिक हरिराम बंसल पकड़ा गया, पुलिस ने हिरासत में लिया, पांच अधिकारी सस्पेंड


नई दिल्ली। साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला जर्जर इमारत ढहने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। हादसे के कई घंटों बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अभी भी मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। यह इमारत मोतीबाग इलाके में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास गिरी। बताया जा रहा है कि इस इमारत के पीजी में कॉलेज और कोचिंग वाले वाले छात्र रहते थे। बिल्डिंग की कैपेसिटी करीब 150 लोगों की थी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इमारत के कथित मालिक हरिराम को भिवाड़ी में पकड़ा गया है। उसे हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच जारी है। सत्य निकेतन हादसे में बड़ा एक्शन लिया गया है।  एमसीडी के 5 अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं। इनमें डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, एसई रणवीर सिंह,  ईई ललित कुमार गोयल समेत पांच अधिकारी शामिल हैं। यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंच गया है।


इमारत गिरने के बाद छात्रों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय विधायक के मुताबिक छात्रों के अंदर फंसे होने को लेकर फोन आ रहे हैं। फिलहाल घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर (एसटीओ) नरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे और सूचना दी कि एक इमारत गिर गई है और कुछ लोग उसके नीचे फंसे हुए हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की।

मृत छात्रों में मध्य प्रदेश के कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत यादव और अर्पित शामिल हैं। हादसे के बाद मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है। कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत यादव दिल्ली में रहकर पीजीडीआई कोर्स की पढ़ाई कर रहा था। हादसे के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक अक्षत का शव पांचवां शव बताया जा रहा है। 

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में रेस्क्यू टीम ने 12 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें स सात लोगों की मौत हो गई है। अस्पताल ले जाने के बाद इन 12 में से पांच लोगों की पहचान अब तक की जा सकी है। जिनके नाम सामने आए हैं उनमें 30 वर्षीय असर अली की हालत गंभीर बताई जा रही है। 30 वर्षीय कृष्णा को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वहीं, 19 साल के नीरज बावा और 19 साल के आदित्य कुमार की हालत भी क्रिटिकल है। वहीं, 19 वर्षीय नितीश चिब की स्थिति स्थिर बताई गई है। जिन सात लोगों की मौत हो गई है, अभी उनमें से  कई की पहचान नहीं की जा सकी है।

हाई कोर्ट को दी गई याचिका में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही, हादसे में प्रभावित छात्रों की तत्काल चिकित्सा देखभाल और पुनर्वास, पीड़ितों को मुआवजा और छात्रों के सुरक्षित पुनर्वास की मांग की गई। इसके अलावा, असुरक्षित परिसर, महत्वपूर्ण साक्ष्यों का संरक्षण, निष्पक्ष, तटस्थ, प्रभावी और व्यापक आपराधिक जांच की मांग की गई है। याचिका में इमारत गिरने के कारण का पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक/तकनीकी समिति का गठन करने की मांग की गई है। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली के अन्य छात्र-बहुल क्षेत्रों में स्थित पीजी, छात्रावासों और अन्य छात्र आवास परिसरों का व्यापक संरचनात्मक और सुरक्षा ऑडिट करने की मांग की गई है।