अग्रवाल महासभा में संविधान संशोधन की तैयारी, विवाद रोकने को गठित हुई समिति

आगरा में अग्रवाल महासभा की कार्यकारी बैठक में संस्था के संविधान में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मुरारी लाल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय संविधान संशोधन समिति गठित की गई है। बैठक में पुराने सदस्यों को ₹100 शुल्क में सदस्यता नवीनीकरण का अवसर देने, नए सदस्यों को जोड़ने और भविष्य में स्थायी कार्यालय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। महाराजा अग्रसेन जयंती के आयोजन के विरोध से जुड़े आरोपित सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी दी गई। वहीं, मंजू बंसल ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अग्रवाल समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और टिकट दिए जाने की मांग उठाई।

Oct 23, 2026 - 21:23
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अग्रवाल महासभा में संविधान संशोधन की तैयारी, विवाद रोकने को गठित हुई समिति

मुरारी लाल की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति करेगी आवश्यक संशोधनों का प्रस्ताव तैयार | पुराने सदस्यों को ₹100 में सदस्यता नवीनीकरण का अवसर, स्थायी कार्यालय की भी बनेगी योजना

आगरा। अग्रवाल महासभा की कार्यकारी बैठक में संस्था की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से संविधान में आवश्यक संशोधन किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन के भीतर भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति को रोकने तथा संस्था के संचालन से जुड़े नियमों में स्पष्टता लाने पर जोर दिया।

महासभा के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि संविधान में आवश्यक संशोधनों के प्रस्ताव तैयार करने के लिए मुरारी लाल की अध्यक्षता में संविधान संशोधन समिति का गठन किया गया है। समिति को संस्था के वर्तमान संविधान का अध्ययन कर आवश्यक बिंदुओं को चिह्नित करने और संशोधन के प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

सात सदस्यीय समिति करेगी संविधान का अध्ययन

संविधान संशोधन समिति में सीताराम अग्रवाल, महेंद्र बंसल, एडवोकेट अशोक अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल और कृष्ण मुरारी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। समिति संस्था की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संविधान में जरूरी बदलावों का प्रारूप तैयार करेगी। बैठक में कहा गया कि संविधान में नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्टता रहने से संस्था के संचालन में एकरूपता आएगी और भविष्य में उत्पन्न होने वाले संभावित मतभेदों एवं विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। समिति द्वारा तैयार किए गए संशोधन प्रस्तावों पर आगे संस्था के स्तर पर विचार किया जाएगा।

पुराने सदस्यों को सदस्यता नवीनीकरण का अवसर

बैठक में पुराने सदस्यों की सदस्यता को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ऐसे सदस्य जिनकी किसी कारणवश सदस्यता का नवीनीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें 100 रुपये शुल्क जमा कराकर अपनी सदस्यता पुनः नवीनीकृत कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही महासभा में नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। पदाधिकारियों के अनुसार सदस्य संख्या बढ़ने से संगठन का सामाजिक आधार मजबूत होगा और महासभा की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने में सहयोग मिलेगा।

महाराजा अग्रसेन जयंती से जुड़े विवाद में कार्रवाई का निर्णय

बैठक में महाराजा अग्रसेन जयंती मनाने के विरोध में षड्यंत्र करने के आरोपित सदस्यों को लेकर भी निर्णय लिया गया। महासभा ने ऐसे आरोपित सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी दी। इस निर्णय को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया।

स्थायी कार्यालय स्थापित करने की योजना

महासभा के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि संस्था की गतिविधियों को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए भविष्य में स्थायी कार्यालय स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है। स्थायी कार्यालय होने से संगठन के प्रशासनिक कार्यों, बैठकों, सदस्यता संबंधी गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए एक नियमित स्थान उपलब्ध होगा। इससे महासभा के कामकाज को अधिक व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2027 विधानसभा चुनाव में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग

बैठक में आगामी वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया गया। मंजू बंसल ने कहा कि अग्रवाल समाज के किसी व्यक्ति को राजनीतिक दलों की ओर से विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से राजनीतिक मंच पर उठाने के लिए उसका उचित प्रतिनिधित्व जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से समाज की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीरता से विचार करने की अपेक्षा जताई।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

कार्यकारी बैठक में संविधान संशोधन, सदस्यता नवीनीकरण, नए सदस्यों को जोड़ने, स्थायी कार्यालय की स्थापना और समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इन फैसलों का उद्देश्य महासभा की संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करना और भविष्य में संस्था की गतिविधियों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करना बताया गया। महासभा के पदाधिकारियों ने संगठन में नियमों की स्पष्टता, अनुशासन और सक्रिय सदस्य भागीदारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में लिए गए निर्णयों को संस्था के आगामी कार्यों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।