रामपुर में आजम -अखिलेश बिछाएंगे सियासी बिसात, लखनऊ में ईडी चल सकती है कानूनी चाल, जौहर ट्रस्ट को लेकर जांच में तेजी
आजम खान और अखिलेश यादव की मुलाकात को लेकर रामपुर से लेकर लखनऊ तक सियासत गरमा रही है। वहीं, ईडी की जांच भी तेज हो गई है।
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर में सियासत और लखनऊ में कानून की चाल एक साथ तेज होने की संभावना है। सियासी और कानूनी जानकार मानकर चल रहे हैं कि जिस वक्त 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में सपा नेता आजम खान पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के साथ वेस्ट यूपी में 2027 के चुनाव को बेस्ट बनाने के लिए सियासी बिसात बिछाएंगे, कमोबेश इसी समय लखनऊ में ईडी भी आजम के बेटे, पत्नी, बहन के खिलाफ कानूनी चाल तेज कर सकती है। दरअसल, सपा नेता के दूसरे बेटे, पत्नी और बहन का नाम ईडी की तरफ से जौहर ट्रस्ट में की गई वित्तीय अनियमितता को लेकर दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच में है।
अगले दो दिन वेस्ट यूपी की सियासत का पारा गरम रहने की उम्मीद हैं। वजह 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में सजा काट रहे आजम खान और अखिलेश यादव की मुलाकात हैं। सियासी हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आजम अपनी पसंद और वफादार लोगों को 2027 में टिकट दिलाने की बिसात बिछाएंगे। इसके लिए अखिलेश यादव को नाम उनके सुझाकर उनपर अंतिम मुहर लगवा सकते हैं। इसी के साथ मुलाकात में संभल मस्जिद विवाद के बाद हुई हिंसा को लेकर की गई कार्रवाई में फंसे लोगों को राहत कैसे मिले, इस पर भी चर्चा मुमकिन हैं।
इसी के साथ आजम जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी पर कसे कानूनी शिकंजे से बचाव को लेकर भी बात कर सकते हैं। दोनों सियासी नेताओं में 2027 के चुनाव को लेकर रणनीति पर बात होना तो तय ही माना जा रहा हैं।
सियासी हलकों में एक सवाल यह भी तेजी से तैर रहा है कि क्या आजम की करनी अब उनके दूसरे बेटे अदीब, पत्नी तंजीन और बहन निकहत को भी भरनी पड़ेगी? दरअसल, ये तीनों जौहर ट्रस्ट के सदस्य रहे हैं। हाल ही में ईडी की तरफ से वित्तीय अनियमितता और चंदे के पैसे एकत्र करने के तरीके को लेकर कराई गई एफआईआर की जांच के जद में आने का खतरा इन तीनों पर मंडरा रहा है। आजम के सियासी उत्तराधिकारी पूर्व विधायक बेटे अबदुल्ला आजम को पहले से ही जेल में हैं।
आजम खान के केसों पर नजर रखने वालों का मानना है कि पूर्व मंत्री ने 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट गठित किया था। खुद अध्यक्ष बने थे। पत्नी तजीन फातिमा, दोनों बेटे अदीब, अब्दुल्ला और बहन निकहत और तीन अन्य ट्रस्टी बने थे। आजम के खिलाफ अब तक कोर्ट से 16 मामलों में फैसला सुनाया जा चुका हैं। आठ मामलों में वह बरी हो गए। आठ में उन्हें सजा हुई है। दो पैन कार्ड के मामले में छोटा बेटा अब्दुल्ला भी जेल में सजा काट रहा है। पत्नी तंजीन फातिमा को भी सजा हुई थी। फिलहाल, तंजीन जमानत पर हैं।
आजम के परिवार में सिर्फ उनके बड़े बेटे अदीब और बहन निकहत अब तक किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए हैं। सजा होने के बाद आजम ने जौहर ट्रस्ट से अपना, पत्नी और छोटे बेटे अदीब का नाम हटा लिया था। लेकिन, नई कार्यकारिणी में उनकी बहन निकहत अध्यक्ष हैं। बेटा अदीब सचिव हैं। इनके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, नसीर अहमद खां, जावेद उर रहमान खान, मुमताज बी और शहरयार सलीम सदस्य हैं।
ईडी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को लेकर चर्चा तेज है। इसमें जौहर ट्रस्ट में शामिल रहे उनके बड़े बेटे अदीब, पत्नी तंजीन फातिमा और बहन निकहत के खिलाफ भी ईडी की तरफ से कार्रवाई तय मानी जा रही है। दरअसल, लखनऊ में ईडी की जांच लगातार गति पकड़ रही है। इसको लेकर कयासबाजी जारी है।