जयपुर हाउस में 25 अक्टूबर को सजेगा पंजाबी विरासत का सरगी मेला, भांगड़ा-गिद्दा और प्रतियोगिताओं से गुलजार होगी शाम
आगरा। पंजाबी संस्कृति, परंपराओं और उल्लास के रंगों से सजा सरगी मेला रविवार, 25 अक्टूबर को जयपुर हाउस स्थित श्रीराम मंदिर पार्क में आयोजित किया जाएगा। पंजाबी विरासत की ओर से आयोजित इस मेले में भांगड़ा, गिद्दा, ढोल की थाप, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से पंजाब की लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। मेले में खानपान, परिधान, आभूषण और सजावटी सामान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
पंजाबी विरासत की ओर से सरगी मेले का आयोजन पांच वर्ष पहले शुरू किया गया था। इस संस्था में पंजाबी, सिख, खत्री, भावलपुरी और मुल्तानी समाज के लोग शामिल हैं। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न समाजों को एक मंच पर जोड़ने के साथ पंजाबी संस्कृति, परंपराओं और उत्सवों को जीवंत बनाए रखना है। आयोजकों के अनुसार, मेले में ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा, जिसमें लोगों को आगरा में रहते हुए पंजाब की संस्कृति और उत्सवों का अनुभव हो सके।
भांगड़ा-गिद्दा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण
मेले में दिलावर ग्रुप की ओर से भांगड़ा, ढोल और संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में रवि चावला के संत रामकृष्ण स्कूल और रवि नारंग के होली लाइट स्कूल के बच्चे भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में पंजाबी संगीत, गिद्दा और ढोल की थाप के साथ उत्सवी माहौल बनाया जाएगा।
महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं और आकर्षक स्टॉल
सरगी मेले में महिलाओं के लिए आर्टिफिशियल फ्लावर ज्वैलरी, म्यूजिकल चेयर, थाल सज्जा और बिना आग के खाना बनाने की रेसिपी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। सरगी क्वीन प्रतियोगिता की विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें खानपान की वस्तुओं, कपड़ों, आभूषणों और सजावटी सामान सहित महिलाओं की रुचि से जुड़ी चीजें उपलब्ध रहेंगी। आयोजकों ने मेले को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं।
सास-बहू की परंपरा से जुड़ा है सरगी मेला
सरगी का संबंध करवा चौथ की परंपरा से है। इस अवसर पर सास अपनी बहू को सूर्योदय से पहले सरगी देती है। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत की शुरुआत करती हैं। सरगी मेला इसी परंपरा और पंजाबी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सामूहिक उत्सव के रूप में प्रस्तुत करता है।
पंजाबी विरासत की टीम जुटी तैयारियों में
कार्यक्रम की कन्वीनर श्रीमती रानी सिंह और श्रीमती मधु पुरी बघेल हैं, जबकि श्रीमती प्रीति उपाध्याय मेला कोऑर्डिनेटर तथा श्रीमती कुसुम महाजन महासचिव हैं। सुनंदा अरोड़ा, मोनिका सचदेवा, सुनीता मेहता, अंजना असीजा, नीलम महाजन और पार्षद रेणु गुप्ता आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
पंजाबी विरासत के अध्यक्ष पूरन डावर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट अनिल वर्मा, जनरल सेक्रेटरी बंटी ग्रोवर, कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा और मनु महाजन भी आयोजन को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। मेले के माध्यम से पंजाबी समाज की सांस्कृतिक एकजुटता, पारंपरिक खानपान, लोकसंगीत और उत्सवी परंपराओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।