आगरा में पेड़ पर 20 फुट ऊंचाई पर फंसा सात फुट लंबा अजगर, वाइल्डलाइफ एसओएस ने एक घंटे के रेस्क्यू के बाद बचाया
आगरा के चीनी का रौज़ा, रामबाग स्थित एक नर्सरी में पेड़ पर 20 फुट से अधिक ऊंचाई पर बैठे सात फुट लंबे भारतीय रॉक पायथन को वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने करीब एक घंटे के चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद सुरक्षित बचा लिया। अजगर को देखने के लिए मौके पर भीड़ जुट गई थी। उत्तर प्रदेश वन विभाग की मदद से चलाए गए अभियान में प्रशिक्षित टीम ने सावधानीपूर्वक उसे नीचे उतारा।
निवासियों की सूचना पर वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क किया गया। इसके बाद संगठन की दो सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। ऊंचाई पर बैठे अजगर तक पहुंचने के लिए बचावकर्मियों को पेड़ पर चढ़ना पड़ा। उचित उपकरणों और तकनीकों की मदद से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। टीम ने भीड़ को नियंत्रित कर लोगों और सरीसृप, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक और सरीसृप विशेषज्ञ बैजू राज एम.वी. ने बताया कि भारतीय रॉक पायथन विषैला नहीं होता, लेकिन उसकी ताकत के कारण बिना प्रशिक्षण और उचित उपकरणों के उसे पकड़ना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे वन्यजीव दिखने पर दूरी बनाए रखें और उन्हें घेरने, पीछा करने या पकड़ने की कोशिश न करें।
संगठन की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि बड़े अजगर को देखकर घबराहट स्वाभाविक है, लेकिन डर के कारण किसी वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग और समन्वय के लिए आभार जताया। संगठन के अनुसार, अजगर को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की व्यवस्था की गई।
संरक्षित प्रजाति है भारतीय रॉक पायथन
भारतीय रॉक पायथन (Python molurus) भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले सबसे बड़े सांपों में से एक है। आईयूसीएन रेड लिस्ट में इसे निकट संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है। यह साइट्स के परिशिष्ट-I में शामिल है और भारत के वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
वाइल्डलाइफ एसओएस ने लोगों से अपील की है कि अजगर या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर शांत रहें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और मदद के लिए प्रशिक्षित वन्यजीव बचाव दल या वन विभाग से संपर्क करें। सहायता के लिए संगठन की आपातकालीन हेल्पलाइन +91 9917109666 पर सूचना दी जा सकती है।