सदर चौकी में थर्ड डिग्री, लात-घूंसों और डंडे से पिटाई, एकलव्य स्टेडियम के कर्मचारी का आरोप

आगरा के एकलव्य स्टेडियम में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोहित कुमार ने सदर चौकी प्रभारी विक्की पूनिया पर थर्ड डिग्री देने, लात-घूंसों और डंडे से पीटने तथा झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कर्मचारी का दावा है कि स्टेडियम में बिना आईकार्ड आई युवती को प्रवेश देने से मना करने के बाद उसे चौकी बुलाया गया और शाम चार बजे तक बैठाकर रखा गया। उसने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जमा करने की बात कही है। डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार के अनुसार, मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है।

Oct 23, 2026 - 21:41
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सदर चौकी में थर्ड डिग्री, लात-घूंसों और डंडे से पिटाई, एकलव्य स्टेडियम के कर्मचारी का आरोप

युवती को बिना आईकार्ड प्रवेश देने से मना करने पर विवाद का आरोप, चौकी प्रभारी पर गाली-गलौज और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी दावा, पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार

आगरा। एकलव्य स्टेडियम में खिलाड़ियों के आईकार्ड की जांच करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सदर पुलिस चौकी के प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का दावा है कि स्टेडियम में एक युवती को बिना आईकार्ड प्रवेश देने से मना करने पर उसे पूछताछ के बहाने चौकी बुलाया गया। वहां चौकी प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, लात-घूंसों और डंडे से पीटा तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस आयुक्त, आगरा से शिकायत कर न्याय की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार का कहना है कि प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं है।

आईकार्ड नहीं होने पर युवती को प्रवेश देने से किया था मना

पीड़ित कर्मचारी रोहित कुमार के अनुसार, वह एकलव्य स्टेडियम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। क्रीड़ा अधिकारी के निर्देश पर उसकी ड्यूटी स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर रहती है, जहां खिलाड़ियों के कार्ड की जांच करने के बाद उन्हें प्रवेश दिया जाता है। रोहित का आरोप है कि शुक्रवार सुबह एक युवती बिना आईकार्ड के स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। गेट पर मौजूद कोच और स्टाफ ने युवती से आईकार्ड दिखाने को कहा। इसी दौरान युवती ने कोच से सदर चौकी प्रभारी का नाम लिया। हालांकि, पहचान पत्र नहीं होने के कारण उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया। आरोप है कि इस बात से नाराज युवती कर्मचारी का नाम पूछकर वहां से चली गई। रोहित का दावा है कि इसके बाद ही उसे पुलिस चौकी बुलाया गया।

सुबह फोन कर बुलाया, दो घंटे बाद चौकी पहुंचा कर्मचारी

रोहित कुमार के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे सदर चौकी प्रभारी विक्की पूनिया का उसके पास फोन आया। उसे कुछ बातचीत करने के बहाने चौकी बुलाया गया। इसके बाद वह करीब 11 बजे चौकी पहुंचा। कर्मचारी का आरोप है कि चौकी पहुंचते ही प्रभारी ने उससे सवाल किया कि उसने युवती को स्टेडियम में प्रवेश क्यों नहीं दिया। रोहित का कहना है कि वह अपनी ड्यूटी और आईकार्ड की अनिवार्यता के संबंध में सफाई दे ही रहा था कि चौकी प्रभारी ने गेट बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

लात-घूंसों और डंडे से पीटने का आरोप

पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि चौकी प्रभारी ने उसके साथ लात-घूंसों और डंडे से मारपीट की। उसका कहना है कि वह खुद को बचाने के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन इसके बावजूद पिटाई जारी रही। रोहित के अनुसार, मारपीट के बाद उसे चौकी में ही बैठाकर रखा गया। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। कर्मचारी का दावा है कि उसे बिना किसी अपराध के घंटों चौकी में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। ये सभी आरोप पीड़ित की शिकायत पर आधारित हैं। मामले में चौकी प्रभारी का पक्ष सामने आना बाकी है।

चार घंटे तक बैठाए रखने और मोबाइल छीनने का दावा

रोहित कुमार का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उसका मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिया। उसे शाम करीब चार बजे तक चौकी में बैठाकर रखा गया। पीड़ित के मुताबिक, जब आरएसओ की ओर से फोन किए गए, तब उसे छोड़ा गया। कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया है कि मोबाइल लौटाते समय उसके फोन की कॉल डिटेल डिलीट कर दी गई थी। इस संबंध में शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

चौकी प्रभारी से बातचीत का ऑडियो वायरल होने का दावा

इस प्रकरण में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आने की बात कही जा रही है। रोहित का दावा है कि उसने अपने मोबाइल फोन में चौकी प्रभारी के साथ बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। अब यह ऑडियो वायरल हो रहा है। पीड़ित के अनुसार, रिकॉर्डिंग में चौकी प्रभारी कथित तौर पर गाली-गलौज करते और युवती के साथ बदतमीजी करने के आरोप में फंसाने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारी उनके बुलाने पर नहीं आया, बल्कि अपने पिता के कहने पर चौकी पहुंचा है। हालांकि, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसकी जांच के बाद ही रिकॉर्डिंग की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस आयुक्त से शिकायत, मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप

घटना से परेशान रोहित कुमार ने पुलिस आयुक्त, आगरा को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उसने कथित मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल फोन अपने पास रखने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। उसने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जमा करने की बात कही है। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से वह अत्यधिक मानसिक तनाव और पीड़ा में है। उसने अपनी शिकायत में यह भी आशंका जताई है कि मानसिक तनाव के कारण उसके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए चौकी प्रभारी जिम्मेदार होंगे।

डीसीपी सिटी बोले-अभी संज्ञान में नहीं है मामला

मामले में डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि यह प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं है। फिलहाल पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला पुलिसकर्मियों के आचरण और चौकी में पूछताछ की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। अब देखना होगा कि शिकायत के आधार पर पुलिस विभाग क्या कदम उठाता है और कथित ऑडियो की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।