ईरान ने अब साउथ कोरिया को दी चेतावनी, कहा- 'अमेरिका का साथ दिया तो गबंभीर नतीजे होंगे
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने फारस की खाड़ी में सैन्य मौजूदगी को आक्रामकता का समर्थन बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है।
तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है। अमेरिका ने बाकी देशों पर ईरान की मदद न करने का दबाव बनाया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश ईरान की मदद करेंगे, उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। ईरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने फारस की खाड़ी में सैन्य मौजूदगी को आक्रामकता का समर्थन बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस बारे में लिखा है।
उन्होंने लिखा - ईरान और कोरिया गणराज्य के बीच संबंध 64 साल से भी ज्यादा पुराने हैं और दोनों देशों के बीच रिश्ते हमेशा आपसी सम्मान के आधार पर विकसित हुए हैं। ईरान, कोरिया गणराज्य के साथ अपने दोस्ताना संबंधों को बहुत महत्व देता है। हालांकि अभी ईरानी लोग अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे हालात में जब वे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अमेरिका के युद्ध अपराधों का डटकर जवाब दे रहे हैं, तो फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी दूसरे देश की सैन्य मौजूदगी या वहां के अभियानों में हिस्सा लेने को सीधे तौर पर आक्रामकता करने वालों का साथ देना ही माना जाएगा और इसके गंभीर नतीजे होंगे।
उन्होंने आगे लिखा, किसी भी संप्रभु और जिम्मेदार देश को अमेरिका के दबाव और धमकियों के आगे नहीं झुकना चाहिए और ईरानी लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों और भयानक अपराधों में शामिल नहीं होना चाहिए।
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के गठबंधन से 28 फरवरी को हमला शुरू किया गया था। इस युद्ध को अब 6 महीने से ज्यादा का समय हो गया है। अमेरिका ईरान पर हमले करने से पीछे नहीं हट रहा है। वहीं ईरान भी इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के 3 कच्चे जहाज ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया था.। अमेरिका ने ये हमला तब किया था जब ईरान ने अमेरिका के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।