जिन सहस्रनाम महामंडल विधान में हवन के बाद आगरा में निकली भव्य रथयात्रा, मुनि समत्व सागर ने कहा- सत्य बनाया नहीं, खोजा जाता है

आगरा। ओल्ड ईदगाह स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे श्री जिन सहस्रनाम महामंडल विधान के पांचवें दिन धार्मिक अनुष्ठानों, हवन और भव्य रथयात्रा के साथ आयोजन संपन्न हुआ। श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज और श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर महाराज के सानिध्य में इंद्र-इंद्राणियों ने अष्टद्रव्य और अर्घ समर्पित कर भगवान जिनेंद्र की आराधना की। बैंड-बाजों के साथ निकली श्रीजी की रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर मुनि श्री समत्व सागर महाराज ने कहा कि सत्य को बताया जा सकता है, लेकिन बनाया नहीं जा सकता। सम्यक ज्ञान ही अज्ञान और दुख से मुक्ति का मार्ग है।

Oct 20, 2026 - 21:36
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जिन सहस्रनाम महामंडल विधान में हवन के बाद आगरा में निकली भव्य रथयात्रा, मुनि समत्व सागर ने कहा- सत्य बनाया नहीं, खोजा जाता है
ओल्ड ईदगाह स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जिन सहस्रनाम महामंडल विधान में हवन के बाद आगरा में निकली भव्य रथयात्रा की एक झलक।

इंद्र-इंद्राणियों ने भक्तिभाव से की आराधना

विधान में सौधर्म इंद्र शुभम जैन-शिव्या जैन, कुबेर इंद्र नमित जैन-प्रगति जैन, महायज्ञनायक शैकी जैन-महिमा जैन, यज्ञनायक इंद्र अतुल जैन-रेनू जैन, ईशान इंद्र कमल जैन-रिंकी जैन, महेंद्र इंद्र कपिल जैन-माया जैन, सनत इंद्र आशीष जैन-राखी जैन तथा ब्रह्म इंद्र तुषार जैन-सीखी जैन ने अष्टद्रव्य और अर्घ समर्पित कर भगवान जिनेंद्र की पूजा-अर्चना की।

विधान के प्रत्येक चरण में भगवान के सहस्र नामों का स्मरण करते हुए आत्मकल्याण, धर्मभावना और विश्व शांति की कामना की गई। इसके बाद पंडित विकर्ष शास्त्री के निर्देशन में मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ हवन संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा।

बैंड-बाजों के साथ निकली श्रीजी की रथयात्रा

हवन के बाद भगवान श्रीजी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा सत्संग भवन से प्रारंभ होकर मंदिर पहुंची और फिर निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी। यह रिया पैलेस के बराबर से कॉलोनी में प्रवेश कर केदारनाथ श्रावक परिवार के घर के सामने से होते हुए सौधर्म इंद्र के घर के सामने पहुंची। इसके बाद सोनू मोटर वाले के घर की ओर से कैनरा बैंक, ए टू जेड के सामने और पंगोरिया चश्मा होते हुए बागला धाम के सामने से सत्संग भवन पहुंची। अंत में मंदिर परिसर में रथयात्रा का समापन हुआ।

रथयात्रा में बैंड-बाजों के साथ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इंदौर से आईं गायिका मिनी जैन एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया। शाम को भगवान की भव्य आरती की गई।

सत्य की खोज से मिलता है सम्यक ज्ञान: मुनि समत्व सागर

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज ने कहा कि सत्य को बनाया नहीं जा सकता, उसकी खोज की जा सकती है। जब जीव सत्य को नहीं जान पाता, तो वह कल्पना करने लगता है कि किसी ने इस संसार और इसकी व्यवस्था की रचना की होगी। जबकि छह द्रव्य, सात तत्व और नौ पदार्थ जैन दर्शन के अनुसार शाश्वत हैं। इनका अस्तित्व किसी के बनाए जाने पर निर्भर नहीं है।

मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य जब संसार की संरचना और सत्य को समझने का प्रयास करता है, तो अपनी सीमित बुद्धि के कारण कई बार ऐसी धारणा बना लेता है कि किसी शक्ति ने सत्य की रचना की होगी। उन्होंने कहा कि जो पहले से विद्यमान है, उसे बनाया नहीं जा सकता। सत्य को जानने के लिए ज्ञान और विवेक आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि अज्ञान के कारण मनुष्य दुख भोगता है, जबकि सम्यक ज्ञान और सम्यक बोध जीवन में सुख का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जब व्यक्ति असत्य को असत्य और सत्य को सत्य के रूप में पहचानने लगता है, तभी उसके जीवन में सही समझ का विकास होता है।

मुनि श्री ने पुण्य के महत्व को समझाते हुए कहा कि संतों का सानिध्य प्राप्त होना भी पुण्य का परिणाम है। निर्ग्रंथ संतों का नगर में आगमन और उनके आहार की व्यवस्था में श्रावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने राजा श्रेणिक का उदाहरण देते हुए कहा कि समवसरण में उपस्थित होने का अवसर मिलना भी महान पुण्य का प्रतीक माना गया है।

प्रवचन के दौरान उन्होंने मुट्ठी में वस्तु होने या न होने का उदाहरण देकर सत्य और असत्य के अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि जो वस्तु मौजूद नहीं है, उसके होने का दावा करना असत्य है। सत्य को समझने के लिए कल्पना के बजाय वास्तविकता और सम्यक ज्ञान पर भरोसा करना चाहिए।

जैन समाज के अनेक लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में समिति के मंत्री अतुल जैन, अमित जैन बॉबी, अजीत जैन, विनय जैन, हेमंत जैन, चन्द्रदीप जैन, अजीत जैन उर्फ बबली जैन, मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन सोनू मोटर वाले और राहुल जैन सहित सकल जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor