अमेरिका में भारतीय संस्कृति का रंग: नवरात्रि में रही गरबा-डांडिया की धूम, मंदिरों से लेकर सड़कों तक गूंजे मां दुर्गा के जयकारे
अमेरिका में भारतीय समुदाय नौ दिवसीय नवरात्रि से लेकर विजयादशमी तक धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के साथ त्योहार मना रहा है। न्यू जर्सी के जर्सी सिटी स्थित इंडिया स्क्वायर पर गरबा-डांडिया और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर दुर्गा पूजा के आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे। विजयादशमी पर भारतवंशी रामलीला, रावण दहन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देते हैं।
-जर्सी सिटी से एसपी सिंह-
जर्सी सिटी। अमेरिका में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि के दौरान भारतीय समुदाय ने मां दुर्गा की आराधना, गरबा-डांडिया और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए अपनी परंपराओं को जीवंत रखा। न्यू जर्सी के जर्सी सिटी स्थित इंडिया स्क्वायर से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक भारतीय संस्कृति के रंग दिखाई दिए। भारतवंशी दशहरा को भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं के अनुरूप मनाने जा रहे हैं।
इंडिया स्क्वायर पर गरबा-डांडिया से गूंजे मां के जयकारे
न्यू जर्सी का जर्सी सिटी भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी और जीवंत सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां का इंडिया स्क्वायर, विशेष रूप से नेवार्क एवेन्यू का क्षेत्र, भारतीय खानपान, कारोबार, त्योहारों और सामुदायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान इस इलाके में मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा और डांडिया के आयोजन प्रायः हर रोज हुए जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक दिखी।
पारंपरिक परिधानों में सजे भारतीय परिवारों ने इन आयोजनों में भाग लिया। गरबा की लय, डांडिया की खनक और देवी भक्ति के गीतों ने उत्सव का ऐसा माहौल बनाया जिसे देखकर लगा यह सब सात भारत में देख रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था व्यक्त करना नहीं, बल्कि भारतीय मूल के परिवारों को एक साझा सांस्कृतिक मंच देना भी था।
इंडिया स्क्वायर के आसपास भारतीय समुदाय की सक्रियता इस बात का उदाहरण है कि विदेश में रहते हुए भी लोग अपने त्योहारों और परंपराओं को किस तरह सामूहिक रूप से मनाते हैं। स्थानीय कारोबारियों और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन मिलता है। नई पीढ़ी के बच्चे भी अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर भारतीय त्योहारों की परंपराओं से परिचित होते हैं।
टाइम्स स्क्वायर पर दुर्गा पूजा ने खींचा ध्यान
न्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वायर दुनिया भर में अपनी विशाल डिजिटल स्क्रीन, चहल-पहल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध है। इसी स्थान पर 10 और 11 अक्टूबर को दूसरे वार्षिक दुर्गा उत्सव का आयोजन किया गया। यहां बंगाली समाज ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ धुनुची नृत्य, सिंदूर खेला, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारतीय परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले इस स्थल पर सामने रखा।
टाइम्स स्क्वायर की आधुनिक और बहुरंगी पृष्ठभूमि के बीच भारतीय पारंपरिक परिधानों तथा धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने अलग ही दृश्य उपस्थित किया। दुर्गा पूजा में शामिल लोगों के लिए यह अपनी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने का अवसर था। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से इन आयोजनों की झलक अमेरिका के दूसरे शहरों और भारत तक भी पहुंची।
टाइम्स स्क्वायर जैसे वैश्विक सार्वजनिक स्थल पर दुर्गा पूजा के आयोजन ने भारतीय त्योहारों की बढ़ती सामुदायिक उपस्थिति को दर्शाया।
नौ दिनों की आराधना, गरबा और सामूहिक उत्सव
शारदीय नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत, भक्ति संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित होते हैं। अमेरिका में रहने वाले भारतीय परिवार भी इस परंपरा का पालन करते हैं। मंदिरों, सामुदायिक केंद्रों और निर्धारित आयोजन स्थलों पर पूजा-अर्चना, आरती, गरबा और डांडिया के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
नवरात्रि के उत्सव में गुजराती और बंगाली समुदाय की विशेष भागीदारी रहती है। महिलाएं चनिया-चोली और पुरुष पारंपरिक गुजराती परिधानों में गरबा तथा रास में भाग लेते हैं। कई आयोजनों में लाइव संगीत और सामूहिक नृत्य के साथ देवी की आरती भी होती है। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों पर अधिक जोर रहता है, जबकि बड़े सामुदायिक आयोजनों में संगीत और नृत्य मुख्य आकर्षण बनते हैं।
अमेरिका में नवरात्रि का उत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहता। यह परिवारों, मित्रों और विभिन्न पीढ़ियों को एक साथ लाने का अवसर भी बनता है। विशेष रूप से अमेरिका में जन्मे या पले-बढ़े बच्चों के लिए ऐसे आयोजन भारतीय त्योहारों, भाषाओं, संगीत और पारंपरिक परिधानों को करीब से जानने का माध्यम हैं।
नवरात्रि के बाद विजयादशमी का उल्लास
नौ दिनों की पूजा और उत्सव के बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व भी उल्लास से मनाया गया। भारत में यह दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोग भी इस पर्व को धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक मेल-मिलाप के जरिए मनाते हैं।
अमेरिका में दशहरा मनाने का स्वरूप शहर, स्थानीय भारतीय आबादी और आयोजक संस्थाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। जहां आयोजन की व्यवस्था होती है, वहां रावण के पुतले का दहन, धार्मिक सभाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दशहरे के प्रमुख आकर्षण बने। कुछ स्थानों पर मंदिरों और सामुदायिक संगठनों के माध्यम से विजयादशमी की पूजा तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गये। हालांकि, सभी शहरों में रावण दहन नहीं होता।
कैलिफोर्निया और टेक्सास में भी भारतीय संस्कृति की छटा
न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क के अलावा कैलिफोर्निया के सैन जोस, फ्रेमोंट, सनीवेल और आसपास के शहरों में भी गरबा तथा रास के आयोजन नवरात्रि के दौरान हुए। टेक्सास के ह्यूस्टन, डलास और फ्रिस्को जैसे शहरों में भारतीय समुदाय ने नवरात्रि के दौरान गरबा नाइट और डांडिया कार्यक्रमों में भाग लिया। इन आयोजनों में स्थानीय भारतीय संस्थाओं, परिवारों और युवाओं की भागीदारी की सूचनाएं हैं।
सोशल मीडिया से दुनिया तक पहुंच रहे उत्सव
अमेरिका में भारतीय समुदाय के नवरात्रि और दशहरा आयोजनों की तस्वीरें तथा वीडियो इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा किए जा रहे हैं। इससे एक शहर में आयोजित कार्यक्रमों की झलक दूसरे शहरों और भारत में रहने वाले लोगों तक पहुंचती है। आयोजनों की तारीखों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी ऑनलाइन साझा की जाती हैं।
जर्सी सिटी के इंडिया स्क्वायर से न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर तक दिखाई देने वाले भारतीय संस्कृति के ये रंग बताते हैं कि भौगोलिक दूरी परंपराओं के प्रति लगाव को समाप्त नहीं करती। नवरात्रि के नौ दिनों की देवी आराधना, गरबा-डांडिया का उल्लास और विजयादशमी का संदेश भारतवंशियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। साथ ही, ये आयोजन अमेरिकी समाज में भारतीय संस्कृति की जीवंतता, विविधता और सामुदायिक एकजुटता को भी सामने लाते हैं।