आगरा में मेनोपॉज़ जागरूकता के लिए निकली कार रैली, महिलाओं को दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
आगरा मेनोपॉज़ सोसाइटी ने विश्व मेनोपॉज़ दिवस पर महिलाओं के स्वास्थ्य और रजोनिवृत्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार रैली निकाली। आई लव आगरा सेल्फी पॉइंट से शुरू हुई रैली को एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक अलका सिंह ने हरी झंडी दिखाई। रामाडा होटल में संपन्न अभियान का नेतृत्व डॉ. सीमा सिंह और डॉ. नीलम सिंह ने किया। चिकित्सकों ने मेनोपॉज़ से जुड़े शारीरिक और मानसिक बदलावों, सही चिकित्सकीय परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व का संदेश दिया।
विश्व मेनोपॉज़ दिवस पर आगरा मेनोपॉज़ सोसाइटी की पहल, चिकित्सकों ने महिलाओं को शारीरिक और मानसिक बदलावों के प्रति किया जागरूक
आगरा। महिलाओं के स्वास्थ्य और मेनोपॉज़ यानी रजोनिवृत्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आगरा में विश्व मेनोपॉज़ दिवस के अवसर पर आगरा मेनोपॉज़ सोसाइटी की ओर से भव्य कार रैली का आयोजन किया गया। भारतीय मेनोपॉज़ सोसाइटी (आईएमएस) से संबद्ध इस संस्था की पहल के माध्यम से महिलाओं को जीवन के इस प्राकृतिक चरण के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को समझने, समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
रैली के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मेनोपॉज़ महिलाओं के जीवन का एक स्वाभाविक चरण है। इससे जुड़ी समस्याओं, भ्रांतियों और झिझक को दूर करने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बात करें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह लें।
आई लव आगरा सेल्फी पॉइंट से हुआ रैली का शुभारंभ
कार रैली का शुभारंभ निर्धारित आई लव आगरा सेल्फी पॉइंट से हुआ। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक श्रीमती अलका सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसके बाद रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए रामाडा होटल, आगरा पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में शामिल चिकित्सकों ने महिलाओं के स्वास्थ्य, मेनोपॉज़ के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और बेहतर जीवन गुणवत्ता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य मेनोपॉज़ को केवल उम्र से जुड़ी शारीरिक प्रक्रिया के रूप में देखने के बजाय महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य से जोड़कर जागरूकता बढ़ाना भी रहा।
नवरात्र में देवी स्वरूप बच्ची ऐशना को चुनरी ओढ़ाकर की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत नवरात्र और नौ दुर्गा की आस्था से जुड़े भावपूर्ण प्रसंग के साथ हुई। छोटी बच्ची ऐशना को देवी स्वरूप में चुनरी ओढ़ाई गई। इसके बाद जागरूकता अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। इस पहल ने धार्मिक आस्था और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया।
डॉ. सीमा सिंह और डॉ. नीलम सिंह ने किया नेतृत्व
इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व आगरा मेनोपॉज़ सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह और सचिव डॉ. नीलम सिंह ने किया। अभियान में बड़ी संख्या में चिकित्सकों और अन्य गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल का समर्थन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. आरती मनोज, डॉ. सविता त्यागी, डॉ. रजनी पचौरी, डॉ. रत्ना शर्मा, डॉ. शुभाषिनी, डॉ. नीलम रावत, डॉ. विभा भारद्वाज, डॉ. रचित कोहली, डॉ. भावना सिंह, डॉ. राखी, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. मेघना सिंह, डॉ. अर्चना सिंघल, डॉ. कविता भटनागर, डॉ. अंजना चौधरी, डॉ. अमनप्रिया शर्मा, डॉ. भारती बंसल, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. ऋषभ पचौरी, डॉ. भवन सिंह, डॉ. कनिका भटनागर और डॉ. अनिता शर्मा सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा एडवोकेट अशोक चौबे (डीजीसी रेवेन्यू), अर्निका माहेश्वरी, पूनम शर्मा, मनु उपाध्याय, गीता चौधरी और रश्मि कुलश्रेष्ठ ने भी अभियान में सहभागिता कर अपना समर्थन दिया।
मेनोपॉज़ पर खुलकर चर्चा करने की जरूरत
मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में सही जानकारी, परिवार का सहयोग, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय देखभाल महत्वपूर्ण होती है। विशेषज्ञों की सलाह से लक्षणों को बेहतर ढंग से समझने और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आगरा मेनोपॉज़ सोसाइटी का उद्देश्य महिलाओं को मेनोपॉज़ से संबंधित प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना, इससे जुड़ी सामाजिक झिझक को दूर करना और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है। सोसाइटी की ओर से आयोजित यह कार रैली महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इसके माध्यम से समाज को संदेश दिया गया कि मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं को सही जानकारी, सम्मान, सहयोग और उचित चिकित्सकीय देखभाल मिलना जरूरी है, ताकि वे जीवन के इस प्राकृतिक चरण को स्वस्थ और सकारात्मक तरीके से जी सकें।