माँ बगलामुखी की आराधना से गूंजेगा दयालबाग, 21 से 23 अक्टूबर तक होगा 11 कुंडीय महायज्ञ
दयालबाग स्थित श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर में 21 से 23 अक्टूबर तक माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) महामाई की आराधना के लिए तीन दिवसीय अनुष्ठान एवं 11 कुंडीय महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 6 से रात 10 बजे तक माँ दुर्गा सप्तशती यज्ञ, माँ बगलामुखी महाहवन, कार्यसिद्धि, नजर बाधा निवारण और व्यापार वृद्धि हवन होंगे। नलखेड़ा सिद्धपीठ के विद्वान यज्ञाचार्यों के सान्निध्य में होने वाले आयोजन का आमंत्रण पत्र शनिवार को विमोचित किया गया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से श्रद्धा और सद्भाव के साथ महायज्ञ में शामिल होने का आह्वान किया।
आगरा। नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) महामाई की आराधना के लिए दयालबाग स्थित श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर (यमुना तट के पास) में 21 से 23 अक्टूबर तक तीन दिवसीय अनुष्ठान एवं 11 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आयोजन का मंदिर परिसर में शनिवार को आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।
आचार्य पं. सुनील कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सनातन धर्म में माँ बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या के रूप में पूजा जाता है। माँ पीताम्बरा की साधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ बगलामुखी की आराधना शत्रु बाधाओं से रक्षा, वाणी पर संयम, बुद्धि की स्थिरता और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए आत्मबल प्राप्त करने का माध्यम मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 11 कुंडीय महायज्ञ सामूहिक श्रद्धा और धार्मिक एकता का प्रतीक होगा। माँ दुर्गा सप्तशती यज्ञ और माँ बगलामुखी महाहवन के माध्यम से जगत जननी की शक्ति का स्मरण किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति, श्रद्धा और सद्भाव के साथ महायज्ञ में सम्मिलित होने का आह्वान किया। मोहित दिवाकर ने बताया कि 21, 22 और 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक विभिन्न हवन एवं अनुष्ठान संपन्न होंगे। सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा के विद्वान यज्ञाचार्यों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं को विधि-विधान के साथ माँ महामाई की आराधना करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि माँ दुर्गा सप्तशती यज्ञ, माँ बगलामुखी महाहवन, कार्यसिद्धि हवन, नजर बाधा निवारण हवन और व्यापार वृद्धि हवन आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सनातन परंपरा से जोड़ना और सामूहिक रूप से माँ महामाई की आराधना के माध्यम से धर्म, आस्था एवं सकारात्मकता का संदेश प्रसारित करना है। आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर आचार्य पं. सुनील कुमार वशिष्ठ, मोहित दिवाकर, प्रियंका अग्रवाल, दिव्यांश सक्सेना, बालकृष्ण अग्रवाल, सुनील शर्मा, सचिन चतुर्वेदी, रामचरण शर्मा, सचिन अग्रवाल, अमित अग्रवाल, उत्तम दिवाकर, नागेश पंडित, राम शर्मा आदि उपस्थित रहे।