कासगंज में डेढ़ माह के मासूम का सौदा, मां समेत पांच गिरफ्तार; पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद किया

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डेढ़ माह के बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। बच्चे के लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की तो कथित तौर पर उसे बेचने का मामला खुला। पुलिस ने बच्चे की मां, एक डॉक्टर और उसकी पत्नी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले से जुड़े 80 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।

Oct 18, 2026 - 23:20
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कासगंज में डेढ़ माह के मासूम का सौदा, मां समेत पांच गिरफ्तार; पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद किया
बच्चे की खरीद फरोख्त में गिरफ्तार आरोपी और उनके बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

मामला सोरोंजी थाना क्षेत्र का है। गांव बनूपुर पुख्ता निवासी अरविंद फरीदाबाद में एक कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 16 अक्टूबर को उनकी पत्नी क्रांति डेढ़ माह के बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज आई थी। आरोप है कि बस स्टैंड पर उसने बच्चे को एक महिला के पास छोड़ा और कुछ देर बाद लौटने पर महिला और बच्चा दोनों वहां नहीं मिले। इसके बाद बच्चे के लापता होने की सूचना दी गई।

अरविंद की शिकायत पर 17 अक्टूबर को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देश पर सोरोंजी थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान बच्चे को कथित तौर पर बेचने की बात सामने आई। पुलिस ने चंदपुरा-गऊपुरा कट के पास यात्री प्रतीक्षालय से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर बच्चे को बरामद कर लिया गया।

डॉक्टर दंपति पर सौदा कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बच्चे की मां क्रांति, सोरोंजी क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर अरुण कुमार और उनकी पत्नी पिंकी के अलावा हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव बारासरी निवासी महिपाल और उसकी पत्नी शामिल हैं। आरोप है कि डॉक्टर दंपति ने बच्चे की मां और दूसरे दंपती के बीच सौदा कराने में भूमिका निभाई।

पुलिस की पूछताछ में रकम के लेनदेन से जुड़ी अलग-अलग बातें सामने आईं। रिपोर्टों के अनुसार, बच्चे की मां ने अपने हिस्से में 1.30 लाख रुपये मिलने की बात बताई। इसमें से 1.20 लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए गए थे और 10 हजार रुपये नकद मिले थे। वहीं, डॉक्टर दंपती और बच्चे को लेने वाले दंपती के बयानों के मुताबिक, सौदे की कुल रकम दो लाख रुपये थी। पुलिस ने कथित लेनदेन से जुड़े 80 हजार रुपये बरामद किए हैं और बैंक खाते में जमा शेष धनराशि की निकासी पर रोक लगवाई है।

पुलिस जांच में सामने आए कई सवाल

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बच्चे की खरीद-फरोख्त की योजना कैसे बनी, इसमें किसकी क्या भूमिका रही और रकम का लेनदेन किन परिस्थितियों में हुआ। बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के विरुद्ध आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

डेढ़ माह के बच्चे से जुड़ा यह मामला न केवल कथित अवैध खरीद-फरोख्त, बल्कि नवजात और छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। फिलहाल बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

SP_Singh AURGURU Editor