अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो बोले,   भारत रिफाइनिंग के क्षेत्र में  सुपरपावर,  रिलायंस से रिफाइनिंग पर करेंगे वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह उस कंपनी के लोगों से मिलकर बात करना चाहते हैं, जिसके पास दुनिया में सबसे ज्यादा कच्चे तेल को रिफाइन करने की लाजवाब क्षमता है।  

Oct 20, 2026 - 17:49
 0
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो बोले,   भारत रिफाइनिंग के क्षेत्र में  सुपरपावर,  रिलायंस से रिफाइनिंग पर करेंगे वार्ता


नई दिल्ली।  अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार (20 अक्टूबर, 2026) को मुंबई में दुनिया की ऊर्जा मांगों को पूरा करने में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेल रिफाइनिंग के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी ताकत है। उसके पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। उन्होंने पहले भी ऐसा किया है और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे ज्यादा से ज्यादा वेनेजुएला का तेल बाजार में आएगा, भारत ऐसा करना जारी रख सकता है.।

उन्होंने कहा, ‘भारत के पास वेनेजुएला में पहले से ही तेल से जुड़ी रियायतें मौजूद हैं, जिनसे वह खुद भी ज्यादा तेल का उत्पादन कर सकता है। इसलिए ये सभी सकारात्मक बातें हैं।’

मुंबई के ताज होटल स्थित ताज मेमोरियल में मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘मैं यह दावा नहीं कर रहा हूं कि दुनिया भर में जो स्थितियां बन रही हैं, उससे पैदा होने वाली कमी को अकेले वेनेजुएला पूरा कर सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि समय के साथ यह निश्चित रूप से ऐसा कर सकता है और कम समय में यह निश्चित रूप से मदद कर सकता है। इसलिए यह उन विषयों में से एक है, जिस पर हम चर्चा करेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ हमने अतीत में भी इस पर बात की है और वे इसके लिए तैयार दिखते हैं। वे ऐसा करने के इच्छुक हैं। प्रतिबंधों और अन्य कारणों से कुछ बाधाएं आ सकती हैं, जिन्हें हमें मिलकर सुलझाना होगा।

रुबियो ने कहा, ‘अगर हम तेल का सही से इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो हमें सबसे पहले उसे रिफाइन करना होगा. जिसके लिए हमें ऐसी कंपनियों की जरूरत है, जिसके पास ज्यादा से ज्यादा मात्रा में कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता हो।  मुझे लगता है कि मुझे उनसे जाकर मिलना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए। विशेषकर तब जब इस मामले में कई देशों से कच्चे तेल का आयात शामिल हैं।’  

उन्होंने कहा, ‘मैं अमेरिका के विदेश मंत्री के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी यात्रा कर रहा हूं, तो इस यात्रा के दौरान मुझे ऊर्जा से जुड़े मुद्दे को लेकर चर्चा करनी है, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक अहम मुद्दा है।’

उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के तौर पर दुनिया के कई देशों के बीच ऊर्जा को लेकर युद्ध होते हैं। ऊर्जा के मुद्दे को लेकर कई अर्थव्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं। इसलिए हम एक ऐसी कंपनी से मिलने जा रहे हैं, जो कच्चे तेल को रिफाइन करने की बेहतरीन क्षमता रखती है। ऐसे में उनसे इस मुद्दे पर चर्चा करना बहुत ही अहम है।’

उन्होंने कहा कि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाली दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी से वेनेजुएला से आने वाले भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने के मुद्दे को लेकर बातचीत करेंगे। इसके साथ ही, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि हम रिलायंस कंपनी से वेनेजुएला में तेल उप्तादन की संभावना को लेकर भी चर्चा करेंगे। 

भारत की तरफ से रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने (अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीदने) की इच्छा व्यक्त की है, जो कि एक समझदारी भरा कदम है। इसे एक दिन में रातों-रात करना आसान नहीं है।’  

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्होंने इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण प्रगति की है और हमें इसे देखकर खुशी हो रही है, लेकिन अंततः यह सिर्फ रूसी तेल का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाने की इच्छा के बारे में है और हमें लगता है कि हम इसकी ऊर्जा जरूरतों के कुछ स्रोतों की आपूर्ति कर सकते हैं। हमने वेनेजुएला और अन्य देशों पर चर्चा की है और मुझे लगता है कि विविधतापूर्ण ऊर्जा पोर्टफोलियो वाले मजबूत सहयोगी हमारे हित में हैं।’