वारंटी की गिरफ्तारी नहीं होने पर कोर्ट सख्त, खंदौली थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक को लिखा पत्र

आगरा की एससी/एसटी कोर्ट ने वर्ष 2007 के अपहरण मामले में वारंटी अनिल कुमार की गिरफ्तारी नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई है। विशेष न्यायाधीश शिव कुमार-II ने 17 अक्टूबर 2026 के आदेश में खंदौली थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर अभियुक्त की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी तक थानाध्यक्ष का वेतन आहरित नहीं करने का अनुरोध किया है। कई बार गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत ने यह रुख अपनाया।

Oct 17, 2026 - 22:09
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वारंटी की गिरफ्तारी नहीं होने पर कोर्ट सख्त, खंदौली थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक को लिखा पत्र

2007 के अपहरण मामले में कई बार जारी हुए गैर-जमानती वारंट, विशेष न्यायाधीश ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल

आगरा। वर्ष 2007 के अपहरण मामले में वारंटी की गिरफ्तारी नहीं होने पर आगरा की एससी/एसटी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कई बार गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद अभियुक्त अनिल कुमार को गिरफ्तार कर पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। मामले में खंदौली थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अदालत ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर थानाध्यक्ष का वेतन आहरित नहीं किए जाने का अनुरोध किया है। अदालत ने यह कदम अभियुक्त की गिरफ्तारी और उसे न्यायालय में पेश किए जाने तक उठाने को कहा है।

बार-बार वारंट के बावजूद गिरफ्तारी नहीं, कोर्ट ने जताई नाराजगी

विशेष न्यायाधीश शिव कुमार-II ने 17 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में वारंटी अनिल कुमार की गिरफ्तारी नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। मामला वर्ष 2007 के अपहरण से संबंधित है। इस प्रकरण में अभियुक्त के खिलाफ कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। अदालत ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। न्यायालय ने माना कि वारंट जारी होने के बाद भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर पेश नहीं किया जाना गंभीर विषय है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर उठाए सवाल

अदालत ने खंदौली थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अभियुक्त को लाभ पहुंचाए जाने की आशंका भी जताई। वारंट के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया और पुलिस की जिम्मेदारी पर ध्यान दिलाया। न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वारंटी अनिल कुमार की गिरफ्तारी कर उसे अदालत में पेश किए जाने तक खंदौली थानाध्यक्ष का वेतन आहरित न किया जाए। इस पत्र के जरिए अदालत ने मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने और पुलिस की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।

17 अक्टूबर के आदेश से पुलिस महकमे में हलचल

विशेष न्यायाधीश शिव कुमार-II का यह आदेश वर्ष 2007 के पुराने अपहरण मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने से जुड़ा है। अदालत की सख्ती से पुलिस की कार्यप्रणाली और लंबित वारंटों के अनुपालन का मुद्दा सामने आया है। फिलहाल, वारंटी अनिल कुमार की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। थानाध्यक्ष के वेतन के संबंध में पुलिस आयुक्त की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह भी देखने वाली बात होगी।