दयालबाग शिक्षण संस्थान के तीन प्रोफेसर दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल, स्टैनफोर्ड की सूची में मिली जगह

आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) के तीन प्रोफेसरों ने दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में जगह बनाकर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी 2026 की रैंकिंग में प्रोफेसर डी.के. चतुर्वेदी, प्रोफेसर सुखदेव रॉय और दिवंगत प्रोफेसर बी.बी. गुप्ता को शामिल किया गया है। इस उपलब्धि ने इन शिक्षाविदों के शोध और वैज्ञानिक योगदान की वैश्विक पहचान को दर्शाया है।

Oct 17, 2026 - 20:54
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दयालबाग शिक्षण संस्थान  के तीन प्रोफेसर दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल, स्टैनफोर्ड की सूची में मिली जगह

7 अक्टूबर 2026 को जारी स्टैनफोर्ड की शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की रैंकिंग का नवीनतम संस्करण (वर्जन 9) एक अगस्त 2026 तक के स्कोपस (Scopus) डेटा पर आधारित है। इसमें 2025 के साइटेशन वर्ष के अंत तक के वैज्ञानिकों के पूरे करियर के आंकड़ों को अपडेट किया गया है। एक अगस्त 2026 तक उपलब्ध सभी स्कोपस लेखकों की प्रोफाइल के आधार पर यह गणना की गई है।

तीन प्रोफेसरों को अलग-अलग शोध क्षेत्रों में मिली पहचान

DEI के इंजीनियरिंग फैकल्टी के डीन और फ्यूचर टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डी.के. चतुर्वेदी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इमेज प्रोसेसिंग के सब-फील्ड में स्थान मिला है।

भौतिकी एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर सुखदेव रॉय को ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और फोटोनिक्स के क्षेत्र में रैंकिंग में शामिल किया गया है। प्रोफेसर रॉय का नाम कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान प्राप्त साइटेशन से संबंधित एक साल के आंकड़ों में भी शामिल है।

वहीं, DEI के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर (मानद) और आईआईटी दिल्ली के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व प्रमुख रहे स्वर्गीय प्रोफेसर बी.बी. गुप्ता को पॉलिमर के क्षेत्र में स्थान मिला है।

कैसे तैयार होती है दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची?

स्टैनफोर्ड की यह रैंकिंग वैज्ञानिकों के शोध और उनके प्रकाशित कार्यों को मिले साइटेशन के आधार पर तैयार की जाती है। इसके लिए स्कोपस डेटाबेस से प्राप्त आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। इसमें वैज्ञानिकों के पूरे करियर के दौरान शोध कार्यों पर पड़े प्रभाव का आकलन किया जाता है।

इस प्रक्रिया में वैज्ञानिकों को 22 प्रमुख क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों (सब-फील्ड्स) में वर्गीकृत किया जाता है। चयन के लिए सी-स्कोर (सेल्फ-साइटेशन के साथ और उसके बिना) को आधार बनाया जाता है। इसके अतिरिक्त शीर्ष एक लाख वैज्ञानिकों में स्थान या संबंधित उप-क्षेत्र में शीर्ष 2 प्रतिशत अथवा उससे अधिक की परसेंटाइल रैंकिंग के आधार पर भी वैज्ञानिकों का चयन किया जाता है।

DEI के तीनों प्रोफेसरों का इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना संस्थान की शैक्षणिक और शोध संबंधी उपलब्धियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

SP_Singh AURGURU Editor