शिवाजी के शौर्य और स्वाभिमान की गाथा सुनाएगा आगरा का नया म्यूजियम
आगरा में ताजमहल के निकट निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का 80 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण कर शेष निर्माण 15 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन और आगरा प्रवास, ब्रज संस्कृति, श्रीकृष्ण की लीलाओं, उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत तथा ओडीओपी उत्पादों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता की जांच आईआईटी रुड़की के माध्यम से कराई जाएगी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने किया निरीक्षण, 15 दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, डिजिटल तकनीक और लाइट एंड साउंड से जीवंत होंगे ऐतिहासिक प्रसंग
आगरा। ताजमहल के निकट निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का करीब 80 प्रतिशत सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष निर्माण कार्य को 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने संग्रहालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रदर्शनी गैलरियों की तैयारियों और पर्यटकों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने भवन के ले-आउट प्लान, विभिन्न तल पर विकसित की जा रही सुविधाओं, आंतरिक साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक डिस्प्ले सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि संग्रहालय में निर्माण से लेकर तकनीकी व्यवस्थाओं तक सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
शिवाजी के शौर्य और ऐतिहासिक आगरा प्रवास की दिखेगी झलक
संग्रहालय की स्थायी प्रदर्शनी गैलरियों में छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली जीवन, वीरता, आगरा प्रवास और मुगल शासक औरंगजेब की कैद से निकलने के साहसिक प्रसंगों को प्रदर्शित करने की योजना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, आगरा की ऐतिहासिक विरासत और ब्रज की परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी। ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक विषयों को रोचक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, आधुनिक डिस्प्ले सिस्टम और लाइट एंड साउंड माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। इससे पर्यटक इतिहास और विरासत को अधिक प्रभावी ढंग से समझ सकेंगे।
ब्रज संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ओडीओपी उत्पादों को मिलेगा स्थान
मंत्री ने ब्रज की संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, पारंपरिक खानपान, ऐतिहासिक धरोहर और लोक परंपराओं से संबंधित प्रदर्शनी सामग्री एवं स्क्रिप्ट का भी अवलोकन किया। इसके अलावा एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत आने वाले उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कलाओं को प्रदर्शित करने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी में शामिल की जाने वाली सामग्री ऐतिहासिक रूप से प्रामाणिक हो और उसका प्रस्तुतीकरण इस तरह किया जाए कि पर्यटक उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि, पारंपरिक कलाओं और विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट पहचान से परिचित हो सकें।
गुणवत्ता जांच के लिए आईआईटी रुड़की करेगा थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन
निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के माध्यम से थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुपालन की जांच की जाएगी। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और निर्माण की गुणवत्ता, आंतरिक साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था तथा प्रदर्शनी प्रणालियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय की प्रत्येक गैलरी की विषयवस्तु और प्रस्तुतीकरण उसकी मूल अवधारणा के अनुरूप होना चाहिए।
छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम के तैयार होने से आगरा के पर्यटन परिदृश्य को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। यह संग्रहालय शिवाजी महाराज के शौर्य और स्वाभिमान के साथ-साथ ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, उत्तर प्रदेश की परंपराओं और पारंपरिक शिल्पकलाओं को पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मनीष बंसल, अपर आयुक्त प्रतिभा सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।