नारी सशक्तिकरण के नाम पर करोड़ों की ठगी, 33 हजार महिलाओं को फंसाया, आरोपी गिरफ्तार
आगरा पुलिस ने महिलाओं से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अरुण अग्निहोत्री उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी “सार्थक सोशल वेलफेयर सोसायटी” बनाकर 33 हजार से ज्यादा महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, रोजगार और सरकारी मानदेय का झांसा देकर करीब 2.72 करोड़ रुपये ठगे। मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि आकाश सक्सेना फरार है।
सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का झांसा देकर 2.72 करोड़ की ठगी, मास्टरमाइंड अरुण अग्निहोत्री पर था 25 हजार का ईनाम
आगरा। आगरा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता के निर्देशन में सदर पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी अरुण अग्निहोत्री उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया है। आरोपी को लखनऊ के माधवग्रीन क्षेत्र से दबोचा गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथियों ने “सार्थक सोशल वेलफेयर सोसायटी” नाम से एक फर्जी संस्था बनाकर महिलाओं को नारी सशक्तिकरण योजना के तहत सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, सरकारी प्रमाण पत्र, रोजगार और आजीवन मानदेय दिलाने का झांसा दिया।
गिरोह ने आगरा समेत कई जिलों की करीब 33 हजार से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। महिलाओं से आवेदन शुल्क और रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे वसूले गए। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इस फर्जी योजना के जरिए करीब 2.72 करोड़ रुपये की ठगी की।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गांव-गांव और कस्बों में प्रचार कर महिलाओं को भरोसे में लेते थे। संस्था के नाम पर फॉर्म भरवाए जाते थे और प्रशिक्षण तथा सरकारी लाभ जल्द मिलने का दावा किया जाता था। कई महिलाओं को नकली दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी दिए गए।
मामले की शिकायत मिलने के बाद सदर पुलिस और सर्विलांस सेल लगातार गिरोह की तलाश में जुटी थी। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अरुण अग्निहोत्री उर्फ पंकज को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह का एक अन्य वांछित आरोपी आकाश सक्सेना अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। साथ ही पीड़ित महिलाओं का डेटा खंगाला जा रहा है ताकि पूरे मामले का दायरा स्पष्ट हो सके।