बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत से खफा कट्टरपंथी, लगातार उगल रहे जहर

बांग्लादेश में एक बार फिर भारत विरोधी प्रदर्शन देखने को मिला है। ढाका में हुए इस प्रदर्शन में जमकर भारत के खिलाफ बयानबाजी की गई है। खासतौर से भारत के मुस्लिम बंगालियों को लेकर बयान दिए गए हैं।

May 22, 2026 - 22:36
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बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत से खफा कट्टरपंथी, लगातार उगल रहे जहर


 

ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को भारत-विरोधी जुलूस निकाला गया है। यह जुलूस जुमे की नमाज के बाद निकाला गया, जिसका नेतृत्व इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों और दक्षिणपंथी रुझान वाले दलों ने किया। सैकड़ों की तादाद में लोग ढाका की सड़कों पर निकले और भारत विरोधी नारेबाजी करते हुए कई आरोप लगाए। जुलूस में शामिल लोगों ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के साथ ज्यादती की जा रही है। इसलिए वह सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।

बांग्लादेश के चर्चित पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने बताया है कि ढाका में शुक्रवार को निकाला गया भारत विरोधी जुलूस 'पश्चिम बंगाल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद मुसलमानों पर अत्याचार' के विरोध में था। चौधरी ने बताया है कि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी और इस्लामी संगठन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी के समर्थन में रहे हैं। शोएब चौधरी के शेयर किए गए वीडियो में सैकड़ों लोगों को पोस्टर लहराते और नारेबाजी करते देखा जा सकता है।

बांग्लादेश में मुख्य विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी समेत कई गुट लगातार भारत विरोधी राजनीति करते रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन में यह विरोध काफी ज्यादा बड़ गया था। यूनुस के समय में लगातार भारत विरोधी प्रदर्शन और बयान देखने को मिले थे। मोहम्मद यूनुस से ऐसे तत्वों को लगातार सरंक्षण भी मिलता दिखा था।  

तारिक रहमान के पीएम बनने के बाद बांग्लादेश ने भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश की और इस तरह के प्रदर्शनों में कमी आई। तारिक के पीएम बनने के बाद से ढाका की सड़कों पर भारत विरोधी नहीं उतरे थे लेकिन शुक्रवार को यह क्रम टूटा है। ऐसे में यह देखना होगा कि तारिक रहमान की सरकार इनसे किस तरह से निपटती है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत मिली है। बीजेपी ने ममता बनर्जी की टीएमसी को हराकर सत्ता हासिल की है। बीजेपी की इस जीत पर बांग्लादेश से लगातार बयान आए हैं। बांग्लादेशी नेता नाहिद इस्लाम समेत कई दलों की ओर से इस पर बयान आए हैं। इनमें कहा गया है कि इस बदलाव का असर उन पर हो सकता है।

ढाका स्थित लेखक और पत्रकार जन्नतुल नईम ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा की घटनाओं ने बांग्लादेश में बेचैनी पैदा की है। भारत और बांग्लादेश करीब 2200 किलीमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जो पश्चिम बंगाल के साथ जुड़ी है। ऐसे में कई एक्सपर्ट को लगता है कि एक ओर हो रही चीजों का असर दूसरी ओर हो सकता है।