श्रीमनःकामेश्वर मंदिर मठ के भागवत ज्ञान यज्ञ, शिव परिवार संस्था की शिवमहापुराण कथा और इस्कॉन-राधा सखी ग्रुप के कथा महोत्सव में उमड़ी श्रद्धा
आगरा। शहर में इन दिनों धार्मिक आयोजनों की अविरल धारा बह रही है। यमुना तट पर आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ, लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में शिव महापुराण कथा और समाधि पार्क में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालु भक्ति, अध्यात्म और संकीर्तन में सराबोर दिखाई दिए। कहीं गोवर्धन लीला और छप्पन भोग ने भक्तों को भावविभोर किया, तो कहीं द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा और रास लीला के दिव्य प्रसंगों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अग्रवन में महादेव के प्रथम दर्शन का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
यमुना नदी तट पर आयोजित श्रीमनःकामेश्वर मंदिर मठ के श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला और छप्पन भोग प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन किया। नंद बाबा के घर परमानंद भयो और गोवर्धनधारी गिरधारी लाल की जय के जयकारों से कथा मंडपम गुंजायमान हो उठा।
महंत योगेश पुरी ने कहा कि प्राचीन काल में आगरा का नाम अग्रवन था और यह ब्रज के 84 वनों में प्रथम वन माना जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद महादेव सबसे पहले इसी भूमि पर उनके दर्शन के लिए आए थे। जहां उन्होंने आसन लगाया, वही स्थान आज श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने आगरा को शिव नगरी बताते हुए कहा कि चारों दिशाओं में महादेव और भैरव मंदिर इसकी आध्यात्मिक पहचान हैं।
कथा में माटी लीला, ऊखल लीला और गोवर्धन पूजा का वर्णन करते हुए प्रकृति संरक्षण, गौ सेवा और भक्ति के महत्व का संदेश दिया गया। पांचवें दिवस छप्पन भोग सेवा गोपाल बंसल एवं शालिनी बंसल द्वारा की गई, जबकि ठंडे दूध की प्याऊ सेवा बाबू रोशन लाल गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता सर्राफ और सुरेंद्र कुमार गुप्ता द्वारा संचालित की जा रही है।
दैनिक यजमान के रूप में अश्विनी रावत, आकाश रावत, अतुल गर्ग, सुनीता गुप्ता, रवि वर्मा, देवेंद्र जैन, सिद्धार्थ परिवार, उषा राजकुमार एवं लव गुप्ता ने व्यास पूजन किया। संध्या यमुना आरती एआरटीओ शिवम यादव एवं अनूप यादव ने उतारी। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को महारास कथा एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव होगा।
शिवमहापुराण कथा में गूंजी द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा

महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में दुग्धाभिषेक करते भक्तगण।
महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के षष्ठम दिवस कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने नंदीश्वर चरित्र एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से पूरा परिसर शिवमय हो उठा।
मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने व्यास पूजन किया। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, पूर्व विधायक महेश गोयल एवं महंत गोपी गुरु ने व्यास पीठ की आरती उतारी। कथा व्यास ने कहा कि नंदीश्वर अटूट भक्ति, सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होकर कष्टों का निवारण करते हैं।
कथा स्थल पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि शनिवार को श्री देवी चरित्र एवं हनुमान चरित्र कथा प्रसंग के बाद पूर्णाहुति और भंडारे के साथ कथा विश्राम होगा।
आयोजन में नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन, राजनी गोयल, अनुराधा अग्रवाल, आराधना मित्तल, प्रशांत मित्तल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल एवं महावीर प्रसाद मंगल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाएं संभालीं।
रास लीला को बताया आत्मा और परमात्मा का दिव्य मिलन

सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में राधा सखी ग्रुप एवं इस्कॉन आगरा द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में राधा सखी ग्रुप की सदस्याएं।
सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठवें दिवस कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने श्रीकृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन लीला, रास पंचाध्यायी एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि रास लीला आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है। यह सांसारिक नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम और पूर्ण समर्पण की आध्यात्मिक अवस्था है। उन्होंने कहा कि जहां अहंकार समाप्त होता है, वहीं से भक्ति का आरंभ होता है।
अरविंद स्वरूप प्रभु ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को शुद्ध भक्ति, नाम-जप और वैदिक जीवन पद्धति का संदेश दिया जा रहा है। राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल ने बताया कि शनिवार को श्रीकृष्ण लीला, यादव वंश संहार एवं नवयोगेंद्र संवाद प्रसंग होंगे। कार्यक्रम में अदिति गौरंगी, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ. अपर्णा पोद्दार, डॉ. परिणीता बंसल एवं शिखा सिंघल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।