मायावती से मिलने पहुंचे कांग्रेस सांसद और कुछ नेता, बसपा चीफ ने बैरंग लौटाया

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद तनुज पुनिया, कुछ अन्य नेताओं के साथ बसपा चीफ मायावती से मिलने पहुंचे थे। हालांकि उन्हें गेट से ही लौटा दिया गया।

May 20, 2026 - 12:47
May 20, 2026 - 16:59
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मायावती से मिलने पहुंचे कांग्रेस सांसद और कुछ नेता, बसपा चीफ ने बैरंग लौटाया

लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के कुछ नेताओं ने बुधवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन उन्हें बिना मुलाकात लौटना पड़ा। कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम और बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया, मायावती के आवास पहुंचे थे और उनसे मिलने की इच्छा जताई थी।

बताया गया कि सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने उनका संदेश बीएसपी प्रमुख तक पहुंचाया, लेकिन मायावती ने मिलने से इनकार कर दिया। चर्चा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले कांग्रेस नेता मायावती से कुछ राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत करना चाहते थे, हालांकि मुलाकात नहीं हो सकी।

इस पूरे घटनाक्रम पर तनुज पुनिया ने कहा कि वह और राजेंद्र पाल गौतम कांग्रेस कार्यालय से निकलने के बाद मायावती का हालचाल जानने उनके घर गए थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।

इस मुलाकात के संदर्भ में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि कांग्रेस दफ्तर में एससी विभाग की एक बैठक हुई जिसमें राजेंद्र पाल गौतम समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थी। इस दौरान मायावती के स्वास्थ्य की चर्चा हुई। चूंकि दफ्तर मायावती के आवास के बगल में ही है तो हम लोग मिलने पहुंचे। राजेंद्र पाल गौतम ने हम सभी से कहा कि चूंकि मायावती , समाज की वरिष्ठ नेता हैं और उम्र 70 साल के करीब हो गई है। तो उनका हालचाल लेना चाहिए तो एक जनरल विजिट करनी चाहिए।

सांसद ने कहा कि बिना किसी से पूछे या फोन किए, हम लोग वहां गए ताकि बस सामान्य तौर पर पूछा कि अगर व्यस्त न हों तो उनसे दो मिनट मुलाकात हो जाए। इसका और कोई मतलब नहीं था। न हमसे किसी ने कुछ कहा था लेकिन क्योंकि वह दलित समाज की बहुत बड़ी नेता हैं तो हम लोग हालचाल लेने के लिए गए थे. वह व्यस्त थीं और हमें समय नहीं मिला तो हम लोग लौट आए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तनुज पुनिया की बातें आसानी से समझ में नहीं आ रही हैं। चूंकि राहुल गांधी का दौरा प्रस्तावित है और छह महीने बाद यूपी में चुनावी सरगर्मी चरम पर होगी. ऐसे ंमें कांंग्रेस आलाकमान मायावती की हालचाल पूछने के साथ ही कुछ राजनीतिक विमर्श भी जरूर करना चाह रहे होंगे। यही कारण है कि उन्होंने इन नेताओं को उनरे पास भेजा होगा ताकि उनके मन की बात पूछा जा सके और यूपी चुनाव में उनकी भूमिका के बारे में पूछा जा सके।