नवरात्रि में चिकन की दावत, सियासत में बवाल, सांसद रामजीलाल सुमन पर बीजेपी का हमला, सपा का पलटवार
पीलीभीत में सपा के PDA सम्मेलन के बाद राज्यसभा सांसद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन का चिकन खाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने वीडियो को लेकर सपा पर सनातन और हिंदू आस्था के अपमान का आरोप लगाया है। वहीं, सपा सांसद ने भाजपा के हमले पर पलटवार करते हुए कहा कि राजनीति का स्तर अब इस बात तक गिर गया है कि कौन क्या खा-पी रहा है। उन्होंने भाजपा नेताओं की सोच पर तंज कसते हुए कहा कि वह उनकी बुद्धि के लिए प्रार्थना ही कर सकते हैं।
भाजपा बोली- ‘नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र बेनकाब’, सुमन बोले वह उनकी बुद्धि के लिए प्रार्थना ही कर सकते हैं
आगरा। पीलीभीत से सामने आए एक वीडियो ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन कुछ अन्य सपा नेताओं के साथ चिकन खाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर भाजपा ने सपा पर हमला बोलते हुए इसे नवरात्रि और सनातन आस्था से जोड़ दिया है। भाजपा के हमले के बाद सपा ने भी पलटवार किया है। अब विवाद सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए दोनों दल एक-दूसरे की विचारधारा, आस्था और राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं।
पीडीए सम्मेलन के बाद सामने आया वीडियो
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब तीन दिन पुराना है। रामजीलाल सुमन पीलीभीत में आयोजित एक पीडीए सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 13 अक्टूबर को वह पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से सपा के दावेदार मोहम्मद आरिफ के घर पहुंचे थे। वहीं के बताए जा रहे वीडियो और तस्वीरों में रामजीलाल सुमन तथा अन्य सपा नेता चटनी के साथ चिकन खाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं हैं।
भाजपा ने वीडियो को बनाया सियासी हथियार
भाजपा ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सपा पर तीखा हमला बोला। यूपी भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट करते हुए इसे ‘नकली समाजवाद का दोहरा चरित्र’ बताया गया। भाजपा का आरोप है कि जब नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में सनातनी व्रत रखते हैं और मांसाहार से परहेज करते हैं, ऐसे समय में सपा नेताओं का चिकन खाते हुए वीडियो सामने आना उनकी कथित दोहरी राजनीति को उजागर करता है। भाजपा ने अपने पोस्ट में सपा पर ‘चुनावी हिंदू बनने का नाटक’ करने और दूसरी तरफ सनातन का अपमान करने का आरोप लगाया।
जयवीर सिंह बोले- जिनका सनातन से लेना-देना नहीं, उन पर क्या टिप्पणी करें
शुक्रवार को आगरा पहुंचे यूपी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने भी इस विवाद पर सपा सांसद को घेरा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दिनों में ज्यादातर लोगों की मान्यता होती है कि वे व्रत रखते हैं या कम से कम नॉन-वेज खाने से परहेज करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सपा नेताओं की आस्था और सनातन से जुड़ाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों का अपनी संस्कृति, सनातन और देश की पुरानी विरासतों से कोई सरोकार नहीं है, उनके बारे में टिप्पणी करना भी क्या उचित है। मंत्री के इस बयान के बाद विवाद और तेज हो गया।
सुमन का पलटवार- ‘मैं उनकी बुद्धि के लिए प्रार्थना कर सकता हूं’
भाजपा के आरोपों पर रामजीलाल सुमन ने भी तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सैद्धांतिक मुद्दों पर बात होनी चाहिए, लेकिन अब राजनीति का स्तर इस बात तक गिर गया है कि कौन क्या खा रहा है और कौन क्या पी रहा है। सपा सांसद ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि वह उनकी बुद्धि के लिए प्रार्थना ही कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग ले चुका है।
खाने की तस्वीर से विचारधारा की लड़ाई तक पहुंचा विवाद
दरअसल, वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इसे केवल एक नेता के खान-पान का मामला न मानकर सपा की राजनीति और सनातन के प्रति उसके कथित रवैये से जोड़ दिया है। वहीं सपा इसे निजी खान-पान को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है। सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थक भी आमने-सामने हैं। भाजपा जहां वीडियो के जरिए सपा पर निशाना साध रही है, वहीं सपा नेता भाजपा पर मुद्दों से भटककर निजी खान-पान को राजनीति का हथियार बनाने का आरोप लगा रहे हैं। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में यह विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या यूपी की सियासत में इसका असर और व्यापक होता है। फिलहाल, नवरात्रि के दौरान सामने आए इस ‘चिकन पार्टी’ वीडियो ने भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की नई जंग जरूर छेड़ दी है।