आगरा कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर, विद्यार्थियों को तनाव से निपटने और सकारात्मक व्यक्तित्व विकास के दिए मंत्र

आगरा। आगरा कॉलेज में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम श्रृंखला का शुक्रवार को समापन हुआ। मनोविज्ञान विभाग, स्टूडेंट काउंसलिंग सपोर्ट सेंटर तथा सुसाइड प्रीवेंशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्टूडेंट सेमिनार में विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच, बेहतर जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के तरीके बताए गए।

Oct 16, 2026 - 21:44
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आगरा कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर, विद्यार्थियों को तनाव से निपटने और सकारात्मक व्यक्तित्व विकास के दिए मंत्र
आगरा कॊलेज में मानसिक स्वास्थ्य पर आयोजित कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथि वक्तागण। 

समापन कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सी.के. गौतम ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए धैर्य, संयम और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हुए अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जीवन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तनाव प्रबंधन महत्वपूर्ण है।

प्रोफेसर पूनम चांद ने विद्यार्थियों से कार्यक्रम के दौरान मिली सीख को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान खोजने में अधिक सक्षम होता है।

प्रोफेसर अंशु चौहान ने सकारात्मक सोच और स्वस्थ सामाजिक वातावरण को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक व्यक्तित्व वाले लोगों के संपर्क में रहने तथा अपने आसपास सहयोगपूर्ण वातावरण विकसित करने की सलाह दी।

प्रोफेसर दीपाली सिंह ने संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को स्वस्थ एवं सक्रिय मस्तिष्क के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को दूसरों से अनावश्यक तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं, व्यक्तिगत विकास और निर्धारित लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. रवि सिंह ने मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड के व्यक्तित्व सिद्धांत की व्याख्या करते हुए इड, इगो और सुपर ईगो की अवधारणाओं को समझाया। उन्होंने बताया कि इच्छाओं, वास्तविक परिस्थितियों और सामाजिक मानदंडों के बीच संतुलन व्यक्ति के व्यवहार और व्यक्तित्व को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डॉ. अरविंद गुप्ता ने मानसिक परेशानी के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी समस्या के बारे में लगातार सोचते रहने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में नकारात्मक विचारों को पहचानना, अनावश्यक चिंतन से बचना और समस्या के व्यावहारिक समाधान पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श और सहयोग लेने के लिए भी प्रेरित किया।

सात दिन तक चलीं जागरूकता गतिविधियां

कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत रिबन टाइंग का संयोजन प्रोफेसर अंशु चौहान, जागरूकता रैली का संयोजन प्रोफेसर दीपाली सिंह, व्याख्यान का संयोजन प्रोफेसर पूनम चांद, कार्यशाला का संयोजन डॉ. अरविंद गुप्ता तथा स्टूडेंट सेमिनार का संयोजन डॉ. रवि सिंह ने किया।

सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों, भावनाओं तथा व्यक्तिगत समस्याओं को साझा किया। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने, अपनी भावनात्मक जरूरतों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वक्ताओं ने संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य शैक्षणिक सफलता, बेहतर जीवन और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

कार्यक्रम में प्राचार्य प्रोफेसर सी.के. गौतम, प्रोफेसर अंशु चौहान, प्रोफेसर दीपाली सिंह, प्रोफेसर पूनम चांद, डॉ. अरविंद गुप्ता तथा डॉ. रवि सिंह उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor