दयालबाग में 18 अक्टूबर को गुरु महाराज साहब का भंडारा, पांच दिन तक सतसंग और कृषि सेवा के कार्यक्रम
आगरा। दयालबाग में राधास्वामी मत के तृतीय संत सतगुरु परम गुरु महाराज साहब का पावन भंडारा 18 अक्टूबर, रविवार को श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया जाएगा। 16 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले भंडारा सप्ताह में सतसंग, कृषि सेवा और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। मुख्य भंडारा 18 अक्टूबर को खेतों पर आयोजित होगा, जबकि देश-विदेश की शाखाओं में वीडियो ट्रांसमिशन के माध्यम से भी सतसंगी इसमें शामिल होंगे।
भंडारा सप्ताह के लिए देश-विदेश के निर्धारित क्षेत्रों से सतसंगियों का आगमन शुरू हो गया है। भाई साहबान, बहनें और बच्चे निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार कृषि सेवा और सतसंग में भाग लेंगे।
परम गुरु महाराज साहब का जीवन और आध्यात्मिक योगदान
परम गुरु महाराज साहब का जन्म 28 मार्च 1861 को वाराणसी में हुआ था। उनका नाम पंडित ब्रह्म शंकर मिश्र था। परम गुरु हुजूर महाराज के बाद उन्होंने वर्ष 1898 से 1907 तक राधास्वामी मत के तृतीय संत सतगुरु के रूप में सतसंग का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 12 अक्टूबर 1907 को वाराणसी में निज धाम प्रस्थान किया।
उनकी रचना ‘डिस्कोर्सेज़ ऑन राधास्वामी फ़ेथ’ में राधास्वामी मत के सिद्धांतों, आत्मा, सृष्टि और आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़े विषयों को विस्तार से समझाया गया है। इस ग्रंथ में आध्यात्मिक विषयों को तर्कपूर्ण और क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
परम गुरु महाराज साहब ने सतसंग में शिक्षा और संगठन से जुड़े कार्यों की रूपरेखा भी रखी थी। परम गुरु हुजूर मेहताजी महाराज के प्रकाशित वचनों में सतसंग की अपनी यूनिवर्सिटी स्थापित करने की उनकी इच्छा का उल्लेख है। दयालबाग में विद्यालयों और आगे अन्य शिक्षण संस्थाओं की स्थापना को इन वचनों में इसी दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में बताया गया है।
वर्तमान संत सतगुरु परम पूज्य हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब ने 5 मार्च 2013 के अपने उद्बोधन में परम गुरु महाराज साहब के प्रेमसूत्र का उल्लेख किया था। यह सूत्र है—“अथ प्रेमसूत्रं व्याख्यास्यामः।” इसका सामान्य अर्थ है—अब प्रेम के सूत्र की व्याख्या करते हैं।
16 से 20 अक्टूबर तक के कार्यक्रम
भंडारा सप्ताह के दौरान 16 और 17 अक्टूबर को सुबह तथा दोपहर की शिफ्ट में कृषि सेवा और सतसंग के कार्यक्रम निर्धारित हैं। 16 अक्टूबर को उपदेश प्राप्त बहनों और 17 अक्टूबर को उपदेश प्राप्त भाई साहबान के लिए पावन स्मृतालय में माथा टेकने का समय सुबह 9 से 11 बजे तक रखा गया है।
इन दोनों दिनों विद्यार्थियों और सुपरह्यूमेन स्कीम के बच्चों के लिए एक अभिभावक, प्राथमिकता से माता, के साथ बाल सतसंग दर्शन का कार्यक्रम भी सुबह 9 से 11 बजे तक निर्धारित किया गया है।
मुख्य भंडारा दिवस रविवार, 18 अक्टूबर को प्रातः कृषि सेवा और आरती होगी। दूसरी शिफ्ट में कृषि सेवा, सतसंग और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों के साथ नियमानुसार परम गुरु महाराज साहब का पावन भंडारा आयोजित होगा।
सोमवार, 19 अक्टूबर को जिज्ञासु बहनों, बच्चों और जिज्ञासु भाई साहबान के लिए पावन स्मृतालय में माथा टेकने के कार्यक्रम अलग-अलग निर्धारित समय पर होंगे। विद्यार्थियों और सुपरह्यूमेन स्कीम के बच्चों के लिए बाल सतसंग दर्शन का कार्यक्रम भी रखा गया है।
मंगलवार, 20 अक्टूबर को कृषि सेवा और सतसंग के नियमित कार्यक्रम होंगे। शाम के सतसंग में क्षेत्रीय सतसंग टीमों द्वारा दो पाठ किए जाएंगे।
70 एकड़ में जैविक धान की कटाई और झड़ाई जारी
भंडारा सप्ताह के दौरान दयालबाग में कृषि सेवा की गतिविधियां भी तेज हैं। यहां 70 एकड़ क्षेत्र में पूरी तरह जैविक तरीके से उगाए गए धान की कटाई और झड़ाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। नहर के दक्षिण में स्थित खेतों में धान काटा जा रहा है। कटे हुए धान को भंडारा ग्राउंड लाया जा रहा है, जहां झड़ाई के माध्यम से बालियों से दाने अलग किए जा रहे हैं।
इन कार्यों में भाई-बहनें, युवा, बुजुर्ग और सुपरह्यूमेन स्कीम के बच्चे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाग ले रहे हैं। इस तरह भंडारा सप्ताह में आध्यात्मिक आयोजनों के साथ कृषि सेवा की गतिविधियां भी जारी हैं।