एसआईआर पर अमेरिकी सांसद के बयान पर भड़का भारत,   विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारे मामलों में दखल न दें,  यह रवैया लोकतंत्र को करता है कमजोर 

अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल भारत में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने पर चिंता व्यक्त की। भारत ने इसे दूसरे देश की चुनावी प्रकिया में दखल देने जैसा बताया।

Oct 16, 2026 - 20:54
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एसआईआर पर अमेरिकी सांसद के बयान पर भड़का भारत,   विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारे मामलों में दखल न दें,  यह रवैया लोकतंत्र को करता है कमजोर 


नई दिल्ली।  भारत ने एसआईआर को लेकर दी गई अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका यह बयान पूरी तरह से बेबुनियाद और जानकारी के अभाव में दिया गया है, जो कि किसी लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रियाओं में सीधे तौर पर दखल देने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का रवैया खुद लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करता है।

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल भारत में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया के वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने इसे भारत में बड़े पैमाने पर वोट काटने के कदमों को लोकतंत्र-विरोधी प्रयास बताया था। इसे लेकर भारत में हो रहे प्रदर्शन का भी प्रमिला जयपाल ने समर्थन किया था।

भारत ने अमेरिका के इलिनॉय में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश पर चिंता जताई। भारत ने कहा कि यह घटना अमेरिका में नस्लीय वैमनस्य और भारत विरोधी नफरत को लेकर चिंताओं को और बढ़ाती है। रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम इलिनॉय के अरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से बेहद चिंतित हैं।’ उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है। इसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और हिरासत में लिया जाना तथा उसके खिलाफ लगाए गए आरोप शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘यह घटना अमेरिका में नस्लीय शत्रुता और भारत विरोधी घृणा को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाती है। नफरत से प्रेरित हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने, अधिक सतर्कता बरतने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की गहन जांच करेंगे, जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।’