दिन में एसयूवी से गांवों की रेकी, रात में घरों पर धावा, ‘जानवरों की आवाज’ थी चोरों का गुप्त कोड
आगरा पुलिस ने गांवों में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य दिन में किराए की SUV से गांवों की रेकी करते थे और रात में चोरी के लिए निकलते थे। खतरा महसूस होने पर एक-दूसरे को सतर्क करने के लिए जानवरों और पक्षियों की आवाज का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह में करीब 20 सदस्य हैं, जो पांच-पांच लोगों की अलग-अलग टीम बनाकर वारदात करते थे। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और एक SUV बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड भी शामिल है, जिसके खिलाफ 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
आगरा पुलिस ने खोला शातिर चोर गिरोह का राज, छह गिरफ्तार
आगरा। आगरा के ग्रामीण इलाकों में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले चोरों का एक ऐसा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जिसने वारदात का अपना पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा था। गिरोह के सदस्य दिन में किराए की SUV लेकर गांवों में घूमते और ऐसे मकानों की पहचान करते थे, जहां चोरी की गुंजाइश हो। रात होते ही यही गिरोह रेकी किए गए मकानों को निशाना बनाता था। अगर किसी सदस्य को रास्ते में पुलिस, ग्रामीण या किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी से खतरा महसूस होता, तो वह मोबाइल फोन से बात करने के बजाय जानवर या पक्षी की आवाज निकालकर अपने साथियों को सतर्क करता था। इस अनोखे तरीके से गिरोह लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचता रहा।
20 सदस्यों का नेटवर्क, पांच-पांच की टीम में करते थे काम
पुलिस के मुताबिक, गिरोह में करीब 20 लोग शामिल हैं। सभी सदस्य एक साथ वारदात नहीं करते थे, बल्कि करीब पांच-पांच लोगों की अलग-अलग टीमें बनाकर काम करते थे। एक टीम गांव की रेकी करती, जबकि दूसरी टीम मौका देखकर चोरी को अंजाम देती थी। गिरोह खास तौर पर देहात और जिले की सीमाओं के नजदीक बसे गांवों को निशाना बनाता था। एक बार किसी गांव में घुसने के बाद आरोपी एक ही रात में एक से अधिक मकानों में चोरी करने की कोशिश करते थे।
छत और पीछे की दीवार से घर में दाखिल होते थे
पुलिस की पूछताछ में गिरोह के चोरी करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपी बंद मकानों में अक्सर पीछे की दीवार या छत के रास्ते दाखिल होते थे। इसके बाद कमरों, बक्सों और अलमारियों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। गिरोह की खास रणनीति यह थी कि वारदात के बाद तुरंत दूसरे इलाके की ओर निकल जाते थे, जिससे पुलिस को उनका पीछा करने में मुश्किल होती थी।
किराए की कारों ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने के लिए किराए की कारों और SUV का इस्तेमाल करते थे। अपनी गाड़ी नहीं होने के कारण उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने आगरा के अलावा गाजियाबाद, गोरखपुर और हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस अब इन इलाकों में दर्ज चोरी के मामलों से गिरफ्तार आरोपियों का कनेक्शन खंगाल रही है।
झारौठी और गोपऊ में हुई चोरी का भी खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अछनेरा क्षेत्र के झारौठी गांव में 13-14 सितंबर की रात एक बंद मकान में चोरी करना स्वीकार किया। यहां से गिरोह ने जेवरात और नकदी पर हाथ साफ किया था। इसके अलावा किरावली क्षेत्र के गोपऊ गांव में 14-15 सितंबर की रात छत के रास्ते एक मकान में दाखिल होकर चोरी करने की बात भी आरोपियों ने पुलिस को बताई। आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद चोरी के सामान का आपस में बंटवारा किया जाता था। चोरी किए गए कुछ जेवरात बेच दिए गए, जबकि कुछ सामान पुलिस ने बरामद कर लिया है।
नहर और बाजरे के खेतों से गांव में दाखिल हुए थे चोर
पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर की रात भी गिरोह के कुछ सदस्य मथुरा हाईवे से लालऊ पुल होते हुए कागारौल क्षेत्र में पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने नहर और बाजरे के खेतों का रास्ता चुना और गांव में दाखिल हुए। आरोपियों ने यहां दो मकानों को निशाना बनाया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब इस घटना के साथ-साथ गिरोह द्वारा की गई अन्य चोरी की घटनाओं का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है।
मास्टरमाइंड समेत छह गिरफ्तार
थाना कागारौल पुलिस, साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीर हसन, हुसैन खान, सरमीन, अंकित जाटव, इलियास और जीन खान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड भी शामिल है। उसके खिलाफ पहले से 15 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका पता करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार आरोपियों ने आगरा और दूसरे जिलों में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले संगठित चोर गिरोह के नेटवर्क का बड़ा हिस्सा सामने आया है। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।