आगरा में महिला के बैंक खातों से 6.20 लाख की साइबर ठगी, पांच ट्रांजैक्शन से उड़ाई रकम

आगरा के कमला नगर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां महिला के यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक खातों से पांच अनधिकृत यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 6.20 लाख रुपये निकाल लिए गए। घटना 26 सितंबर की बताई गई है, जबकि 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज हुई। पीड़िता ने कुछ रकम खाते में वापस दिखने के बावजूद उसे निकाल न पाने की शिकायत की है। साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Oct 16, 2026 - 14:00
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आगरा में महिला के बैंक खातों से 6.20 लाख की साइबर ठगी, पांच ट्रांजैक्शन से उड़ाई रकम

कमला नगर की महिला ने यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन का लगाया आरोप, 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज

आगरा। कमला नगर निवासी एक महिला के बैंक खातों से साइबर ठगों द्वारा करीब 6.20 लाख रुपये की रकम निकाल लिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक में अपने खातों से बिना अनुमति किए गए पांच अनधिकृत UPI ट्रांजैक्शन की शिकायत की है। मामले में साइबर क्राइम थाना, आगरा ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता वंदना करमचंदानी के मुताबिक, यह घटना 26 सितंबर को हुई। आरोप है कि उनके बैंक खातों से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना अलग-अलग UPI ट्रांजैक्शन किए गए और देखते ही देखते करीब 6.20 लाख रुपये की रकम खातों से निकल गई। घटना की जानकारी होने के बाद उन्होंने संबंधित बैंकों को इसकी सूचना दी और रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।

पीड़िता का कहना है कि साइबर ठगी की शिकायत के बाद कुछ रकम उनके बैंक खातों में वापस दिखाई देने लगी, लेकिन वह रकम उनके लिए पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी। शिकायत के अनुसार, खाते में रकम प्रदर्शित होने के बावजूद वह उसे निकाल नहीं पा रही हैं। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। वंदना करमचंदानी ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर साइबर ठगी में शामिल आरोपियों का पता लगाने और ठगी गई पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने संबंधित बैंक खातों से हुए सभी अनधिकृत लेनदेन की जांच कराने का भी अनुरोध किया है।

मामले में 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाना, आगरा में FIR दर्ज की गई। पुलिस अब बैंक खातों से हुए ट्रांजैक्शन, UPI से जुड़े विवरण और रकम जिन खातों में गई, उनकी जांच कर रही है। साइबर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। 

पुलिस की जांच के दौरान संबंधित बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने पुलिस और बैंक अधिकारियों से जल्द से जल्द कार्रवाई कर 6.20 लाख रुपये की पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। मामले की जांच जारी है।