आगरा में 59 अमान्य स्कूलों पर गिरी गाज, एक-एक लाख का जुर्माना, बंद करने के आदेश

आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता के संचालित 59 स्कूलों पर सख्ती करते हुए प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और स्कूलों को बंद कराने के आदेश दिए हैं। बाह में 15, जैतपुरकलां में 13, जगनेर में 12, खेरागढ़ में 10, फतेहपुर सीकरी में पांच और अछनेरा में चार अमान्य विद्यालय चिह्नित किए गए हैं। बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को जुर्माना वसूलने और कार्रवाई की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

Oct 29, 2026 - 14:51
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आगरा में 59 अमान्य स्कूलों पर गिरी गाज, एक-एक लाख का जुर्माना, बंद करने के आदेश

बाह में सबसे ज्यादा 15 स्कूल मिले बिना मान्यता के संचालित, जैतपुरकलां के 13 और जगनेर के 12 विद्यालय भी कार्रवाई की जद में

आगरा। जिले में बिना मान्यता के स्कूल संचालित करने वालों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने छह विकास खंडों में संचालित 59 अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही सभी चिह्नित विद्यालयों का संचालन बंद कराने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से बिना मान्यता स्कूल चला रहे संचालकों में खलबली मच गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. राकेश सिंह ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चिह्नित विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यालय संचालकों से जुर्माने की धनराशि वसूलने के साथ स्कूलों को बंद कराया जाए। कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी विभाग को उपलब्ध करानी होगी।

बाह में सबसे ज्यादा 15 अमान्य स्कूल

बेसिक शिक्षा विभाग की जांच में जिले के छह विकास खंडों में कुल 59 विद्यालय बिना मान्यता के संचालित होते पाए गए हैं। विकास खंडवार सूची में बाह सबसे आगे है। यहां 15 विद्यालयों को अमान्य श्रेणी में चिह्नित किया गया है। जैतपुरकलां में 13, जगनेर में 12 और खेरागढ़ में 10 विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा फतेहपुर सीकरी में पांच और अछनेरा में चार विद्यालय बिना मान्यता के संचालित मिले हैं। विभाग ने सभी चिह्नित विद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस तरह कुल जुर्माने की राशि 59 लाख रुपये होती है।

खंड शिक्षाधिकारियों को वसूली और बंदी की जिम्मेदारी

बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कार्रवाई को केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रखें। सभी विद्यालयों का संचालन बंद कराने और निर्धारित जुर्माने की वसूली की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। इसके बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी जाए। निर्देशों के तहत संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अमान्य विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। विभाग का जोर जुर्माने की वसूली के साथ-साथ ऐसे विद्यालयों का संचालन रुकवाने पर है, जो निर्धारित मान्यता के बिना चलाए जा रहे हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, बिना मान्यता के विद्यालय संचालित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के प्रावधानों के विपरीत है। इसी आधार पर अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित विद्यालयों के मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई पूरी कराई जाएगी। खंड शिक्षाधिकारियों को जुर्माने की वसूली, विद्यालयों का संचालन बंद कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य बिना मान्यता संचालित हो रहे विद्यालयों पर अंकुश लगाना और जिले में स्कूल संचालन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे आदेशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन कराएं और विभाग को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराएं।