स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में मरने वालों की संख्या 69 हुई, सिग्नलिंग सिस्टम की खराबी के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति पर सवाल
स्पेन के मध्य क्षेत्र में 28 अक्टूबर को हुए भीषण रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। मैड्रिड से सेविल जाने वाले हाई-स्पीड रेल मार्ग पर एक चलती ट्रेन ने उसी पटरी पर खड़ी दूसरी ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ डिब्बे ढलान से नीचे जा गिरे। 29 अक्टूबर को भी राहत और बचाव दल क्षतिग्रस्त डिब्बों से शव निकालने और लापता यात्रियों की तलाश में जुटे रहे। अधिकारियों ने दुर्घटना की न्यायिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। स्पेन सरकार ने हादसे पर तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
टोलेडो प्रांत के उर्दा के पास हुआ हादसा
दुर्घटना मध्य स्पेन के कास्तिया-ला मांचा क्षेत्र में टोलेडो प्रांत के उर्दा कस्बे के पास हुई। इसमें सरकारी रेल कंपनी रेनफे की एवीई हाई-स्पीड ट्रेन और निजी कंपनी इर्यो की ट्रेन शामिल थीं। दोनों ट्रेनों में सैकड़ों यात्री सवार थे। रेनफे की ट्रेन में करीब 397 और इर्यो की ट्रेन में 147 यात्री होने की जानकारी दी गई। टक्कर के बाद डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ यात्री सीटों के बीच फंस गए। यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। घटनास्थल पर एंबुलेंस, हेलीकॉप्टर और बचाव दल तैनात किए गए। मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने का काम भी शुरू किया गया।
सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के बाद भी ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति
जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले रेल मार्ग के सुरक्षा और संचार तंत्र में कंप्यूटर संबंधी खराबी आई थी। इसके चलते कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या उनकी गति नियंत्रित करनी पड़ी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नियंत्रण केंद्र ने रेनफे की ट्रेन को सामान्य गति से आगे बढ़ने की अनुमति दे दी, जबकि आगे उसी पटरी पर इर्यो की ट्रेन खड़ी थी। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि उस समय सुरक्षा प्रणाली काम नहीं कर रही थी और लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, हादसे के कारणों की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा प्रणाली क्यों बंद हुई, नियंत्रण केंद्र को उस समय क्या जानकारी उपलब्ध थी और ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई। अधिकारियों ने किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से पहले जांच पूरी होने की जरूरत पर जोर दिया है।
जांच के लिए ट्रेन के रिकॉर्ड और नियंत्रण केंद्र की जानकारी जुटाई जा रही
हादसे की जांच में न्यायिक अधिकारी, पुलिस और स्वतंत्र तकनीकी जांचकर्ता शामिल हैं। घटनास्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। जांच के लिए ट्रेन के रिकॉर्डिंग उपकरणों, संचार विवरण और रेल यातायात नियंत्रण केंद्र के आंकड़ों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इनसे दुर्घटना से पहले ट्रेनों की स्थिति, सिग्नलिंग व्यवस्था और नियंत्रण केंद्र से जारी निर्देशों का क्रम समझने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने हादसे की पूरी जांच कराने और यदि सुरक्षा व्यवस्था में खामियां सामने आती हैं तो उन्हें दूर करने का आश्वासन दिया है। बचाव दलों के साथ सेना और पुलिस के सैकड़ों कर्मियों को भी राहत कार्यों में लगाया गया।
एक साल में दूसरा बड़ा हाई-स्पीड रेल हादसा
यह दुर्घटना स्पेन में इसी वर्ष हुआ दूसरा बड़ा जानलेवा हाई-स्पीड रेल हादसा है। जनवरी 2026 में भी रेल दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हुए हादसों ने देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा, रखरखाव और निवेश को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन ने हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार पर बड़ा निवेश किया है, लेकिन रखरखाव और आधुनिकीकरण पर खर्च के अनुपात को लेकर भी चर्चा हो रही है।
हादसे के बाद मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच हाई-स्पीड रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। रेल यातायात बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पेन में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और रेल सुरक्षा में जरूरी सुधार करने का भरोसा दिया है।