कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त के बयान पर घमासान,  सांसद  रूड ने कहा-   इमिग्रेशन पॉलिसी में भारत की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं 

भारतीय उच्चायुक्त ने इस महीने कहा था कि कनाडा को 1.5 करोड़ और नौकरियों और 10 करोड़ लोगों की जरूरत है। यह बात ऐसे समय में सामने आई है जब कनाडाई लोग नौकरियों के नुकसान का सामना कर रहे हैं। उनके इसी बयान पर अब कनाडाई सांसद ने प्रतिक्रिया दी है।

Oct 25, 2026 - 22:36
 0
कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त के बयान पर घमासान,  सांसद  रूड ने कहा-   इमिग्रेशन पॉलिसी में भारत की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं 

टोरंटो। कनाडा में इमिग्रेशन और घरेलू आर्थिक संकट को लेकर एक बार फिर से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। देश की विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की सांसद लियन रूड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा है कि भारत सरकार को कनाडा की इमिग्रेशन नीति को निर्देश देने या प्रभावित करने का कोई अधिकार नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब कनाडा गंभीर बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं के संकट और आवास की कमी जैसी घरेलू समस्याओं से जूझ रहा है।

भारतीय उच्चायुक्त ने इस महीने कहा था कि कनाडा को 1.5 करोड़ और नौकरियों और 10 करोड़ लोगों की जरूरत है। यह बात ऐसे समय में सामने आई है जब कनाडाई लोग नौकरियों के नुकसान का सामना कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भविष्य में आव्रजन (इमिग्रेशन) बढ़ाने का संकेत दे रहे हैं। भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने 9 अक्टूबर को CPAC को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं।

उन्होंने कनाडा की कार्यबल संबंधी जरूरतों को कार्नी की 1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश की प्रस्तावित योजना से जोड़ा। पटनायक ने कहा था 'कनाडा 4.2 करोड़ लोगों का देश है।' उन्होंने आगे बताया कि वहां हर साल कार्यबल में 1,86,000 से 2,00,000 लोगों की कमी आ रही है।

पटनायक के मुताबिक आमतौर पर 1 अरब डॉलर के पूंजी निवेश के लिए 10,000 से 15,000 श्रमिकों की आवश्यकता होती है। निवेश के प्रस्तावित लक्ष्य पर इस अनुमान को लागू करते हुए उन्होंने 1.5 करोड़ तक श्रमिकों की संभावित आवश्यकता का अनुमान जताया है। उनके इसी बयान पर कनाडाई सांसद ने निशाना साधा है।

सांसद लियन रूड ने अपने आधिकारिक बयान में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के बीच कनाडाई नौकरियों पर सबसे पहला हक कनाडाई नागरिकों का होना चाहिए और उन्हें ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

लियन रूड ने चेताया कि कनाडा की हेल्थकेयर प्रणाली इस समय 'लाइफ सपोर्ट' यानि वेंटिलेटर पर है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए घर खरीदना अब एक दूर का सपना बनता जा रहा है और ऐसे माहौल में आव्रजन स्तर को बढ़ाना संकट को और गहरा कर देगा।

कनाडा की मौजूदा लिबरल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कंजरवेटिव सांसद ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्क कार्नी की लिबरल सरकार के पास इस बात का कोई पुख्ता डेटा नहीं है कि इस समय देश में कुल कितने गैर-नागरिक रह रहे हैं। उन्होंने इसे नेतृत्व की नाकामी बताया है। कंजरवेटिव पार्टी ने साफ कर दिया है कि वे देश में इमिग्रेशन के स्तर को बढ़ाने के किसी भी प्रयास का पूरी ताकत से विरोध करेंगे।