आगरा में बोगेनविलिया के 3000 से अधिक रंगीन पौधों की प्रदर्शनी, शुष्क जलवायु में हरियाली बढ़ाने पर जोर

आगरा। कम पानी में पनपने वाले बोगेनविलिया के रंग-बिरंगे फूल आगरा जैसे गर्म और शुष्क शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा की ओर से वर्डेंट एकर्स में आयोजित भव्य बोगेनविलिया प्रदर्शनी में तीन हजार से अधिक पौधों और इसकी 18 प्रजातियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. बी.के. बैनर्जी और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ. सुदीपा घोष को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल ने शहर में कम पानी में पनपने वाले पौधों का व्यापक रोपण करने पर जोर दिया।

Oct 24, 2026 - 22:03
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आगरा में बोगेनविलिया के 3000 से अधिक रंगीन पौधों की प्रदर्शनी, शुष्क जलवायु में हरियाली बढ़ाने पर जोर
हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा की ओर से वर्डेंट एकर्स में आयोजित बोगेनविलिया प्रदर्शनी की एक झलक।

प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. बी.के. बैनर्जी और डॉ. सुदीपा घोष ने किया। फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन विख्यात पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल और प्रख्यात अर्थशास्त्री वेद प्रकाश त्रिपाठी ने किया। प्रदर्शनी में बोगेनविलिया की विभिन्न किस्मों के पौधे प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित अतिथियों ने उत्साह व्यक्त किया।

उत्कृष्ट योगदान के लिए दो हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा ने डॉ. बी.के. बैनर्जी को पुष्प कृषि के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान तथा डॉ. सुदीपा घोष को शिक्षा के क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। डॉ. बैनर्जी ने प्रदर्शनी में बोगेनविलिया की विभिन्न प्रजातियों की विशेषताओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि उत्परिवर्तन प्रजनन और संकरण तकनीकों के माध्यम से बोगेनविलिया की कई नई और आकर्षक किस्में विकसित की गई हैं। इनमें पल्लवी वैरिगेटा, लॉस बानोस वैरिगेटा, महार वैरिगेटा और पिक्सी वैरिगेटा प्रमुख हैं।

कम पानी में पनपता है बोगेनविलिया, आगरा के लिए उपयोगी

प्रदर्शनी के समन्वयक और प्रकृतिविद् डॉ. मुकुल पांडेय ने बोगेनविलिया के इतिहास तथा इसकी विभिन्न प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पौधा कम पानी में भी जीवित रह सकता है और गर्म जलवायु में अच्छी तरह पनपता है। इसकी कुछ प्रजातियों के आयुर्वेदिक उपयोग भी बताए जाते हैं।

डॉ. पांडेय के अनुसार, बोगेनविलिया की सूखा सहन करने की क्षमता, तेजी से बढ़ने की प्रकृति और घनी पत्तियां इसे शहरी हरियाली के लिए उपयोगी बनाती हैं। आगरा जैसे गर्म और शुष्क क्षेत्रों में यह पौधा कम पानी में हरियाली विकसित करने का अच्छा विकल्प हो सकता है।

वायु प्रदूषण से मुकाबले के लिए पौधरोपण पर जोर

रिवर कनेक्ट कैंपेन से जुड़े पर्यावरणविद् बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा की गर्म और शुष्क जलवायु को देखते हुए यहां बोगेनविलिया जैसी प्रजातियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कम पानी और कम देखभाल में पनपने वाले पौधे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों का व्यापक रोपण शहर के सौंदर्य को बढ़ाने के साथ पर्यावरण सुधार के प्रयासों में भी योगदान दे सकता है। शहरी हरियाली बढ़ाने के लिए स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का चयन और उनका उचित रखरखाव जरूरी है।

वार्षिक प्रतियोगिता में कंचन आहूजा प्रथम

हॉर्टिकल्चर क्लब, आगरा की वार्षिक बोगेनविलिया प्रतियोगिता में श्रीमती कंचन आहूजा ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। श्रीमती वीना सचदेवा और श्रीमती अनीता गुजराल को संयुक्त रूप से द्वितीय पुरस्कार तथा श्री राम कुमार अग्रवाल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में श्रीमती लवली कठूरिया, श्रीमती डेज़ी गुजराल, श्रीमती रेनू भगत, श्रीमती दीपिका त्यागी और कर्नल अपूर्व त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रदर्शनी ने पुष्प प्रेमियों को बोगेनविलिया की विविध प्रजातियों को करीब से देखने और शहरी हरियाली में उनकी उपयोगिता समझने का अवसर प्रदान किया।

SP_Singh AURGURU Editor