खाद्य अपव्यय रोकने और पौष्टिक आहार अपनाने का संदेश, डीईआई में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता
आगरा। दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) में विश्व खाद्य दिवस 2026 के अवसर पर विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा, पौष्टिक आहार और भोजन की बर्बादी रोकने के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन और बिना अग्नि के भोजन निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित इन प्रतियोगिताओं में संस्थान के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष की थीम ‘इनोवेट टुडे, न्यूट्रिश टुमारो’ (आज नवाचार करें, कल का पोषण सुनिश्चित करें) के माध्यम से विद्यार्थियों को खाद्य संसाधनों के संरक्षण और सतत खाद्य प्रणालियों के महत्व से परिचित कराया गया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने खाद्य सुरक्षा, संतुलित आहार, पोषण जागरूकता, भोजन की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर अपने विचार रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किए। पोस्टर निर्माण और स्लोगन लेखन के माध्यम से उन्होंने पौष्टिक भोजन के महत्व तथा खाद्य संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल का संदेश दिया।
बिना अग्नि के भोजन निर्माण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिना आग का इस्तेमाल किए विभिन्न खाद्य पदार्थ तैयार कर अपनी रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि में पौष्टिक सामग्री के चयन, स्वच्छता और नए खाद्य संयोजनों पर विशेष ध्यान दिया गया।
जिम्मेदार खाद्य उपभोग के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को खाद्य एवं पोषण से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें भोजन के जिम्मेदार उपभोग, खाद्य संसाधनों के संरक्षण तथा सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि भोजन का सम्मान करना, पौष्टिक आहार चुनना और खाद्य अपव्यय कम करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का आयोजन गृह विज्ञान विभाग की डॉ. चारुल अग्रवाल और डॉ. सीमा कश्यप ने किया। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों, स्लोगनों और व्यंजनों का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायक मंडल ने किया।
विश्व खाद्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ खाद्य सुरक्षा, पोषण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।