चार दोस्तों के शव घर पहुंचे तो मचा कोहराम, चीख-पुकार से गूंज उठा मोहल्ला
खाटू श्याम से लौटते समय आगरा के छह दोस्तों की कार राजस्थान के दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर टायर फटने के बाद खाई में जा गिरी। हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं। मृतकों में अतुल वार्ष्णेय, राहुल, अर्पित और मुकुल शामिल हैं। अतुल अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बेटियों को छोड़ गए। चारों के शव शुक्रवार देर रात आगरा पहुंचे, जिसके बाद घरों में कोहराम मच गया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे नम आंखों से चारों का अंतिम संस्कार किया गया।
टायर फटने से खाई में गिरी कार, चार परिवारों के चिराग बुझ गए, मां बेटे की राह तकती रही, बहन भाई के शव से लिपटकर रोती रही
आगरा। खाटू श्याम के दर्शन और भजन-कीर्तन की लाइव कवरेज के लिए राजस्थान गए आगरा के छह दोस्तों की खुशियों भरी यात्रा शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर रायसर क्षेत्र में उनकी स्विफ्ट डिजायर कार का अचानक टायर फट गया। कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि चार दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुक्रवार देर रात जब चारों मृतकों के पार्थिव शरीर आगरा पहुंचे तो घरों में चीख-पुकार मच गई। कुछ देर पहले तक जिन गलियों में दोस्तों के लौटने का इंतजार था, वहां मातम पसरा था। शवों के घर पहुंचते ही परिजनों का कलेजा फट पड़ा। किसी मां ने अपना बेटा खो दिया तो किसी बहन से उसका भाई हमेशा के लिए दूर हो गया। देखते ही देखते चारों परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं।
मां बेटे का इंतजार करती रही, सच बताने की किसी में हिम्मत नहीं
हादसे में जान गंवाने वाले मुकुल की मां को देर तक बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई। वह बार-बार पूछती रहीं कि उनका बेटा कहां है। घर में मौजूद लोगों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि मां को यह मनहूस खबर सुनाई जाए। मुकुल दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई फोटोग्राफी का काम करता है। परिवार के लिए मुकुल का जाना ऐसा सदमा है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
अतुल के पीछे रह गई पत्नी और तीन मासूम बेटियां
हादसे में जान गंवाने वाले अतुल वार्ष्णेय परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। वर्ष 2016 में उनकी शादी सिम्मी वार्ष्णेय से हुई थी। उनकी तीन बेटियां हैं—रूद्रांशी (9), ख्याति (5) और तृषा, जो महज तीन महीने की है। जिस पिता के सहारे तीनों बेटियों का भविष्य था, वह अब हमेशा के लिए उनसे दूर हो गया। अतुल के जाने के बाद पत्नी सिम्मी और तीनों मासूम बेटियों के सामने जिंदगी का बड़ा खालीपन खड़ा हो गया है। अतुल के पिता वीरेंद्र घर के नीचे परचून की दुकान चलाते हैं और परिवार पहली मंजिल पर रहता है। शुक्रवार रात जब अतुल का शव घर पहुंचा तो परिवार की चीख-पुकार ने पूरे मोहल्ले को गमगीन कर दिया। मां के सामने बेटे का शव पड़ा था और तीन मासूम बेटियों से उनके पिता का साया छिन चुका था।
एकादशी पर भजन-कीर्तन का लाइव करने गए थे
परिजनों के मुताबिक अतुल अपने दोस्तों और स्टाफ के साथ 21 अक्टूबर को आगरा से खाटू श्याम के लिए रवाना हुए थे। 22 अक्टूबर को एकादशी के अवसर पर वहां भजन-कीर्तन और भजन संध्या को यूट्यूब पर लाइव करना था। लाइव कवरेज पूरी करने के बाद सभी दोस्त कार से वापस लौट रहे थे। कार अतुल के नाम पर थी और हादसे के समय राहुल शर्मा ड्राइविंग कर रहे थे। सुबह करीब छह बजे रायसर क्षेत्र में हाईवे पर अचानक कार का टायर फट गया। राहुल ने कार को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और गहरी खाई में जा गिरी।
चीख-पुकार सुनकर मदद को दौड़े ग्रामीण
हादसे के बाद कार में सवार लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई। राहत और बचाव दल ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। चार लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दो घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद यातायात सुचारू कराया। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को भी हटाया गया।
छह दोस्त साथ निकले थे, चार हमेशा के लिए बिछड़ गए
पुलिस के मुताबिक मृतकों में रामबाग निवासी अतुल वार्ष्णेय, नुनिहाई निवासी राहुल, बलकेश्वर निवासी अर्पित और कालिंदी विहार निवासी मुकुल शामिल हैं। उनके साथ रूपेश और शिवा भी यात्रा पर गए थे, जो हादसे में घायल हुए। छह दोस्तों ने साथ सफर शुरू किया था। किसी ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि लौटते समय उनमें से चार की जिंदगी का सफर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
WH स्टूडियो से जुड़ा था अतुल का सपना
अतुल फोटोग्राफी के साथ-साथ यूट्यूब पर लाइव कवरेज का काम भी करते थे। उनके भाई रोहित के मुताबिक वह WH Studio नाम से यूट्यूब चैनल चलाते थे। चैनल पर करीब 1.64 लाख सब्सक्राइबर और सैकड़ों वीडियो हैं। शादियों की फोटोग्राफी से लेकर धार्मिक आयोजनों की लाइव कवरेज तक अतुल अपने काम में सक्रिय थे। खाटू श्याम की यात्रा भी उनके इसी काम से जुड़ी थी। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस धार्मिक आयोजन को वह कैमरे में कैद करने जा रहे हैं, उसके बाद उनकी अपनी जिंदगी की कहानी ही अधूरी रह जाएगी।
शनिवार सुबह नम आंखों से दी अंतिम विदाई
शुक्रवार देर रात चारों के पार्थिव शरीर आगरा पहुंचे। शवों के पहुंचते ही चारों परिवारों में कोहराम मच गया। मां-बाप, भाई-बहन, पत्नी और रिश्तेदारों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार सुबह करीब 9 बजे चारों दोस्तों का अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। चार परिवारों में अब वह रौनक नहीं है। कहीं मां की आंखें बेटे को खोज रही हैं, कहीं बहन भाई को पुकार रही है और कहीं तीन मासूम बेटियां शायद अभी यह समझ भी नहीं पा रही हैं कि उनके पिता अब कभी घर वापस नहीं आएंगे। एक सफर जो खाटू श्याम के दर्शन से शुरू हुआ था, वह चार परिवारों के लिए जिंदगी भर न भूलने वाला दर्द बनकर रह गया।