आगरा एमएलसी चुनाव में ईसीआई का फैसला, तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा पड़ेंगे वोट
आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग ने 23 अक्टूबर को तीन बूथों पर हुए मतदान को रद्द कर दिया है। खेरागढ़ बूथ नंबर 20, सैंया बूथ नंबर 21 और फतेहाबाद बूथ नंबर 26 पर अब 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पुनर्मतदान होगा। डीएम की सिफारिश के बाद ECI ने यह फैसला लिया है। आयोग ने मतदान में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर रिपोर्ट भी मांगी है।
23 अक्टूबर की वोटिंग रद्द, खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश; गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच के भी निर्देश
आगरा/दिल्ली। आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने 23 अक्टूबर को तीन मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को रद्द करते हुए 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है। इन तीनों बूथों पर पुनर्मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा।
चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद आगरा के खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद क्षेत्र के संबंधित मतदान केंद्रों पर एक बार फिर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि पुनर्मतदान के निर्णय की जानकारी सभी प्रत्याशियों, मीडिया, चुनाव पर्यवेक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों तक समय से पहुंचाई जाए।
किन बूथों पर रद्द हुआ मतदान?
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, जिन तीन मतदान केंद्रों पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान को रद्द किया गया है, उनमें शामिल हैं—
खेरागढ़ – बूथ नंबर 20
सैंया – बूथ नंबर 21
फतेहाबाद – बूथ नंबर 26
इन तीनों केंद्रों पर अब सोमवार, 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पुनर्मतदान कराया जाएगा।
डीएम की रिपोर्ट के बाद आयोग का फैसला
इन मतदान केंद्रों पर हुई वोटिंग को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी रिपोर्ट तैयार की गई थी। आगरा के जिलाधिकारी ने इन बूथों पर हुए मतदान को निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश चुनाव आयोग से की थी। इसके बाद आयोग ने मामले की समीक्षा करते हुए पुनर्मतदान का आदेश जारी किया। आयोग ने साथ ही मतदान प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को लेकर जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
सपा प्रत्याशी ने लगाया था बूथ कैप्चरिंग का आरोप
23 अक्टूबर को मतदान के दौरान आगरा में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई थी। सपा प्रत्याशी और मौजूदा MLC डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा पर मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच कराई गई और संबंधित मतदान केंद्रों की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की गई। हालांकि, पुनर्मतदान का आदेश चुनाव आयोग की ओर से मतदान प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त रिपोर्टों और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद जारी किया गया है।
उम्मीदवारों और मतदाताओं को दी जाएगी जानकारी
ईसीआई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुनर्मतदान की सूचना सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, चुनाव पर्यवेक्षकों, मीडिया और अन्य संबंधित लोगों तक पहुंचाई जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 26 अक्टूबर को होने वाले पुनर्मतदान को लेकर किसी भी पक्ष के बीच भ्रम की स्थिति न रहे।
अब 26 अक्टूबर पर टिकी नजर
तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान के आदेश के बाद आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब इन तीन बूथों पर होने वाली वोटिंग के परिणाम पर सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। चुनाव आयोग के इस फैसले से एक ओर जहां मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की भूमिका की जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण तीन बूथों की वोटिंग निरस्त करनी पड़ी।