बरेली से भाजपा का मिशन विधानसभा शुरू, एक नवंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम योगी करेंगे चुनावी शंखनाद; सात जिलों से 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक नवंबर को बरेली से अपने मिशन विधानसभा का शंखनाद करने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली बार बरेली पहुंचेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन व सरकार के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में पदयात्रा के बाद विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। भाजपा ने इस कार्यक्रम के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन की ताकत दिखाने के लिए बरेली मंडल समेत आसपास के सात जिलों से करीब 50 हजार कार्यकर्ताओं और लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।
भाजपा के ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद जनसभा होगी। पार्टी की योजना इस आयोजन के माध्यम से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करने की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं।
मतदाता सूची के मुद्दे पर सड़क पर उतरने की तैयारी
भाजपा इस अभियान में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और धांधली के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। पदयात्रा और जनसभा के जरिए पार्टी इस विषय पर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लामबंद करना चाहती है। सात जिलों से लगभग 50 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य कार्यक्रम को बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप देने की रणनीति का हिस्सा है।
चार दशक से बरेली शहर सीट पर भाजपा का कब्जा
बरेली भाजपा की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पार्टी के राजनीतिक प्रभाव का प्रमुख आधार बरेली शहर विधानसभा सीट रही है, जहां 1985 से भाजपा लगातार जीतती आई है। चार दशकों से कायम इस चुनावी पकड़ ने बरेली को पार्टी के मजबूत गढ़ों में शामिल किया है। दिल्ली और लखनऊ के बीच स्थित होने के कारण भी यह क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
भाजपा के लिए बरेली का महत्व केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है। यहां पार्टी का सांसद, राज्य सरकार में मंत्री, विधान परिषद सदस्य, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनिधित्व रहा है। यही वजह है कि बरेली को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों और बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के लिहाज से अहम माना जाता है।
संतोष गंगवार से लेकर योगी सरकार के मंत्रियों तक मजबूत प्रतिनिधित्व
बरेली के राजनीतिक प्रभाव की चर्चा पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के बिना पूरी नहीं होती। वह यहां से आठ बार सांसद चुने गए। बाद में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया। उनकी बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा भेजे जाने का भी उल्लेख किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार में बरेली से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जिले के विधान परिषद सदस्यों में बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह, जयपाल सिंह व्यस्त और डॉ. हरि सिंह ढिल्लों भाजपा से हैं।
स्थानीय निकायों में भी पार्टी की मजबूत मौजूदगी है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम और जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल भाजपा से हैं। सांसद से लेकर प्रदेश सरकार, विधान परिषद और स्थानीय निकायों तक पार्टी का यह प्रतिनिधित्व बरेली में उसके संगठनात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
2027 के लिए शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
एक नवंबर की पदयात्रा और जनसभा को भाजपा के आगामी विधानसभा चुनाव अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक साथ मौजूदगी से कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व बढ़ेगा। पार्टी का लक्ष्य कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने, मतदाता सूची के मुद्दे को उठाने और क्षेत्र में अपनी संगठनात्मक ताकत का संदेश देने का है।
हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में इस शक्ति प्रदर्शन का कितना चुनावी लाभ मिलेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल भाजपा बरेली से बड़े आयोजन के जरिए अपने मिशन विधानसभा को गति देने की तैयारी में जुटी है।