‘मेरे बांके बिहारी लाल, ना करियो इतना शृंगार’ पर झूमे श्रोता, ब्रजरज उत्सव में रूट्स: नादात्म की भजन क्लबिंग ने बांधा समां

मथुरा। ब्रजरज उत्सव के पांचवें दिन धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड पर रूट्स: नादात्म बैंड की भजन क्लबिंग प्रस्तुति ने भक्ति और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम पेश किया। भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम और भगवान शिव की स्तुति से जुड़े भजनों को ड्रम, गिटार, कीबोर्ड, बांसुरी, तबला और ढोलक की संगत के साथ नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया। ‘मेरे बांके बिहारी लाल, ना करियो इतना शृंगार, नज़र तोय लग जाएगी’ सहित लोकप्रिय भजनों पर श्रोता झूम उठे। वहीं, उत्सव के मेले में खानपान, झूलों, गोकुल ग्राम और स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

Oct 27, 2026 - 21:26
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‘मेरे बांके बिहारी लाल, ना करियो इतना शृंगार’ पर झूमे श्रोता, ब्रजरज उत्सव में रूट्स: नादात्म की भजन क्लबिंग ने बांधा समां
ब्रजरज उत्सव के पांचवें दिन धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड पर रूट्स: नादात्म बैंड की भजन क्लबिंग प्रस्तुति की एक झलक।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित ब्रजरज उत्सव में मंगलवार को रूट्स: नादात्म बैंड की प्रस्तुति ने ब्रज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संगीत के आधुनिक रंगों में सामने रखा। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और हनुमान चालीसा से हुई। इसके बाद कृष्ण भक्ति के गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कृष्ण भजनों से राम स्तुति और शिव तांडव तक सजा संगीत

बैंड ने ‘मेरे बांके बिहारी लाल, ना करियो इतना शृंगार, नज़र तोय लग जाएगी’, ‘राधे अलबेली सरकार’, ‘राधिका गोरी से ब्रज की छोरी से’, ‘मेरे कान्हा ने बंसी बजाई’ और ‘मीठे रस से भरी रे राधा रानी लागे’ जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही ‘श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’, ‘राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी’ और ‘शिव तांडव’ ने भक्ति संगीत के विविध रूपों को उभारा।

‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘अच्युतम केशवम’, ‘काली कमली वाला मेरा यार है’ और ‘ऐगिरी नंदिनी’ जैसे भक्ति गीतों को भी बैंड ने अपनी विशिष्ट संगीत शैली में प्रस्तुत किया। पारंपरिक भजनों के साथ आधुनिक वाद्ययंत्रों की संगत ने प्रस्तुति को खास बनाया और श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।

इन कलाकारों ने सजाई भजन क्लबिंग की महफिल

प्रस्तुति में कृष्णा शुक्ला, गौरव त्रिपाठी और सत्यराज मिश्रा ने गायन किया। सार्थक रैकवार ने ड्रम, अमित हवेलिया ने बास गिटार, रितुल हजारिका ने लीड गिटार, हर्ष कुलपरिया ने बांसुरी, करण मूरजानी ने कीबोर्ड और अमन ने तबला एवं ढोलक पर संगत की।

आरव कान्हा शर्मा ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली, जबकि राहिल शर्मा बैंड के मैनेजर रहे। कार्यक्रम का समन्वय अभिराज शर्मा ने किया और संचालन मांडवी राठौड़ ने किया।

शाम होते ही गुलजार हो रहा धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड

ब्रजरज उत्सव का मेला भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शाम होते ही धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड में चहल-पहल बढ़ जाती है। खानपान के स्टॉलों पर विभिन्न शहरों के व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। बच्चे और युवा विभिन्न झूलों का आनंद ले रहे हैं, जबकि गोकुल ग्राम में सेल्फी लेने और यादगार पलों को कैमरे में कैद करने का उत्साह दिखाई दे रहा है।

खादी और स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों पर भी खरीदारी के लिए लोग जुट रहे हैं। कपड़ों, हस्तशिल्प, सजावटी वस्तुओं और घरेलू सामान की दुकानों पर रौनक है। रंग-बिरंगे आकर्षणों से सजा मेला परिसर शाम के समय लोगों की आवाजाही से गुलजार हो उठता है।

बुधवार को भजन, लोकनृत्य और अतिथि कलाकारों की प्रस्तुति

ब्रजरज उत्सव में बुधवार को भी संगीत और भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का क्रम इस प्रकार है-

दोपहर 2:30 बजे: धर्मवीर सिंह (डॉक्टर ब्रदर्स) की भजन प्रस्तुति।

दोपहर 3:30 बजे: शुभम चौधरी की भजन प्रस्तुति।

शाम 4:30 बजे: रघुकुल डिवोशनल बैंड की ओर से भजन एवं लोकनृत्य।

शाम 6:30 बजे: अतिथि कलाकार ईशिता विश्वकर्मा की प्रस्तुति।

सभी कार्यक्रम धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड, मथुरा में आयोजित होंगे। ब्रजरज उत्सव में भक्ति संगीत, लोक संस्कृति, खानपान और स्वदेशी उत्पादों का संगम लोगों को आकर्षित कर रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor