कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के समर्थन में उतरा वैश्य समाज, श्री अग्रवाल संघ बोला-‘वैश्य समाज को गुमराह करने की कोशिश न करें’

आगरा में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्री अग्रवाल संघ ने मंत्री के समर्थन में प्रेस वार्ता की। संघ पदाधिकारियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मंत्री के बयान को संदर्भ से अलग कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए समाज को ऐसे प्रयासों से सावधान रहने की अपील की। पूरा विवाद मंत्री द्वारा भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप के जवाब में की गई टिप्पणी को लेकर है।

Oct 27, 2026 - 17:00
 0
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के समर्थन में उतरा वैश्य समाज, श्री अग्रवाल संघ बोला-‘वैश्य समाज को गुमराह करने की कोशिश न करें’
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के समर्थन में पक्ष रखते हुए श्री अग्रवाल संघ के सदस्य।

प्रेस वार्ता में वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने सपा पर साधा निशाना, कहा—बयान को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश; मंत्री के समर्थन में एकजुटता जताई

आगरा। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के एक बयान को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच श्री अग्रवाल संघ खुलकर मंत्री के समर्थन में सामने आया है। प्रताप नगर स्थित बुर्जी वाला हनुमान जी मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के पदाधिकारियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने सपा पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।

श्री अग्रवाल संघ के पदाधिकारियों टीएन अग्रवाल और गौरव बंसल ने कहा कि चुनावी हार से निराश कुछ लोग मंत्री के बयान के गलत अर्थ निकालकर समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ऐसे प्रयासों को समझता है और किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के बहकावे में आने वाला नहीं है।

‘मंत्री के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा’

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के बयान को उसके संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष पर टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि सपा की ओर से भाजपा पर लगाए गए बूथ कैप्चर के आरोप के जवाब में राजनीतिक टिप्पणी की थी। पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्री का बयान स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक आरोप के संदर्भ में था और उसे वैश्य समाज के खिलाफ टिप्पणी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कुत्सित मानसिकता वाले लोगों से समाज को सावधान रहने की अपील की।

व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी जताया समर्थन

कपड़ा, सर्राफा, पेठा, लोहा और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने भी मंत्री के समर्थन में अपनी बात रखी। राजेश अग्रवाल, मनोज गर्ग और राजकुमार अग्रवाल ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके अनुसार पूर्व में बूथ कैप्चरिंग, अपहरण, फिरौती, चौथ वसूली, लूट, डकैती और जमीन-मकान-दुकानों पर कब्जे जैसी घटनाओं से व्यापारी वर्ग प्रभावित रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे राजनीतिक लोग अब भाजपा पर आरोप लगाकर वैश्य समाज की आवाज बनने का दावा नहीं कर सकते। वक्ताओं ने कहा कि जो लोग अपनी राजनीति के लिए ‘MY’ और अन्य सामाजिक समीकरणों के सहारे राजनीति करते रहे हैं, उन्हें वैश्य समाज का प्रतिनिधि बनने का दावा नहीं करना चाहिए।

‘वैश्य समाज किसी के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं’

पदाधिकारियों ने कहा कि वैश्य समाज अपने हितों और सम्मान को लेकर जागरूक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी पत्रकार या राजनीतिक विचारधारा से जुड़े व्यक्ति के आरोपों के आधार पर पूरे वैश्य समाज की राय तय नहीं की जा सकती। उन्होंने समाज के लोगों से ऐसे कथित मौका परस्त तत्वों से सावधान रहने की अपील की।

‘15 साल से शहर की राजनीति में रहे, समाज की मदद करते रहे’

वक्ताओं ने कहा कि योगेंद्र उपाध्याय लंबे समय से शहर की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके अनुसार मंत्री ने हमेशा वैश्य समाज के लोगों की समस्याओं में सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें बेवजह बदनाम करने का प्रयास उचित नहीं है। ओएस गर्ग, बीएस गर्ग, विनय बंसल, शशिकांत और राकेश अग्रवाल ने भी मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए समाज के लोगों से पूरे मामले को संदर्भ सहित समझने और राजनीतिक अफवाहों से बचने की अपील की।

ये लोग रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में सुनील मित्तल, राजेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजीव गुप्ता, नन्दनन्दन गर्ग, राजेश जिंदल, पुरुषोत्तम, राकेश बंसल, आलोक जैन, नवीन अग्रवाल, मोहन गर्ग, अजय बिहारी और दुष्यंत अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाज के लोग मौजूद रहे।

क्या है पूरा मामला?

मामला उस बयान को लेकर है, जो कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से एक पत्रकार के सवाल के जवाब में दिया गया था। पत्रकार ने सपा प्रत्याशी और सपा नेताओं की ओर से भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग के लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सवाल किया था।

इसके जवाब में मंत्री ने कहा था—

“सपा के लोग भाजपा पर बूथ कैप्चर का आरोप लगा रहे हैं!! वाह!! यह तो ठीक उसी प्रकार हुआ, मानो कोई वैश्य किसी सती पर उंगली उठाए।”

श्री अग्रवाल संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस टिप्पणी में किसी व्यक्ति विशेष या पूरे वैश्य समाज को निशाना नहीं बनाया गया है। उनके अनुसार यह टिप्पणी सपा की ओर से लगाए गए बूथ कैप्चरिंग के आरोप के राजनीतिक जवाब के रूप में की गई थी। संघ ने कहा कि बयान को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए और इसे वैश्य समाज के खिलाफ टिप्पणी बताकर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।