टेसू-झांझी विसर्जन करने जा रहे ग्रामीणों को ब्रेजा कार ने रौंदा, चार की मौत, 12 घायल, मृतकों में तीन किशोरियां, हादसे के बाद भागते कार सवारों की ग्रामीणों ने की पिटाई; विसर्जन के दौरान सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से उठे सवाल
फिरोजाबाद। नसीरपुर थाना क्षेत्र के गांव छटनपुरा में टेसू-झांझी विसर्जन करने जा रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने रौंद दिया। भीषण हादसे में तीन किशोरियों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। गुस्साए ग्रामीणों ने कार सवारों को पकड़कर जमकर पीटा। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पुलिस की तैनाती नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी रहती तो हादसे को रोकने के लिए समय रहते इंतजाम किए जा सकते थे।
जानकारी के अनुसार, नसीरपुर क्षेत्र के गांव छटनपुरा में ग्रामीण टेसू-झांझी विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो किशोरियों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो अन्य लोगों को शिकोहाबाद के जिला संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में तीन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद फिरोजाबाद के ट्रॉमा सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मृतकों में तीन लड़कियां
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अंजली (15) और आकांक्षा (15), दोनों पुत्री ब्रजेश, हरीश कुमार (25) पुत्र गंभीर सिंह तथा बबली (17) पुत्री ब्रजेश कुमार के रूप में हुई है। मृतकों में तीन लड़कियां शामिल हैं। दो किशोरियों समेत चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसर गया। हादसे में घायल 12 लोगों के उपचार की जानकारी सामने आई है।
विसर्जन के दौरान पुलिस की तैनाती नहीं होने पर सवाल
टेसू-झांझी विसर्जन के लिए ग्रामीणों के निकलने के दौरान पुलिस की तैनाती नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे सामूहिक धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों के दौरान भीड़ की सुरक्षा तथा वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मौजूदगी जरूरी मानी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पुलिसकर्मी तैनात होते तो तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकते थे। हालांकि, पुलिस की तैनाती नहीं होने और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
खुशियों का माहौल मातम में बदला
विसर्जन के लिए निकले ग्रामीणों के साथ हुए हादसे ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंच गए। अपनों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने कार सवारों को पकड़कर पीटा। घटना ने विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।