जज की कार को घेरकर हमला, पिता और गनर से मारपीट, शीशा तोड़ा और आग लगाने की भी कोशिश

आगरा के खंदौली में 24 अक्टूबर को बाइक की टक्कर के बाद विवाद हिंसक हो गया। अलीगढ़ में तैनात अपर जिला जज अली मुस्तफा की कार को बाइक सवार ने टक्कर मारी, जिसके बाद कथित तौर पर 30-40 लोगों को मौके पर बुलाकर जज, उनके पिता और गनर से मारपीट की गई। कार का पिछला शीशा तोड़ने और आग लगाने की कोशिश का भी आरोप है। पुलिस ने भूपेंद्र समेत 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Oct 27, 2026 - 22:44
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जज की कार को घेरकर हमला, पिता और गनर से मारपीट, शीशा तोड़ा और आग लगाने की भी कोशिश

आगरा। आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर खंदौली क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है। अलीगढ़ में तैनात अपर जिला जज अली मुस्तफा की कार को बाइक सवार ने टक्कर मार दी। मामूली हादसे के बाद शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि बाइक सवार ने मौके पर बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया, जिसके बाद जज की कार को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई।

घटना 24 अक्टूबर की बताई जा रही है। उस समय अपर जिला जज अली मुस्तफा अपने पिता गुलाम मुस्तफा, मां और गनर के साथ लखनऊ से अलीगढ़ जा रहे थे। वे यमुना एक्सप्रेसवे से उतरकर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर पहुंचे थे। इसी दौरान मई चौराहे के पास उनकी कार को एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी।

टक्कर के बाद बढ़ा विवाद

बताया गया है कि कार में बाइक की टक्कर लगने के बाद जज और उनके साथ मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर बाइक सवार से कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि बाइक सवार ने गाली-गलौज करते हुए फोन कर करीब 30-40 लोगों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और जज की कार को घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने अपर जिला जज अली मुस्तफा, उनके पिता गुलाम मुस्तफा और गनर के साथ मारपीट की।

पिता की नाक और दोनों कलाइयों में चोट

हमले में जज के पिता गुलाम मुस्तफा को गंभीर चोटें आईं। उनकी नाक और दोनों कलाइयों पर चोट बताई गई है। घटना के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हमलावरों ने कार का पिछला शीशा भी तोड़ दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने कार में आग लगाने की कोशिश भी की। हालांकि, इस कोशिश को लेकर स्थिति और नुकसान की पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

भूपेंद्र समेत 30-40 अज्ञात लोगों पर केस

घटना के संबंध में पुलिस ने शिकायत के आधार पर भूपेंद्र और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। अपर जिला जज की कार को घेरकर मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि विवाद के दौरान वास्तव में कितने लोग मौके पर मौजूद थे और हमले में कौन-कौन शामिल था।

मामूली सड़क हादसा कैसे बना हिंसक विवाद?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यही है कि एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद इतनी तेजी से कैसे बढ़ गया कि बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और न्यायिक अधिकारी के परिवार व सुरक्षा में तैनात गनर के साथ मारपीट की स्थिति बन गई। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आरोपियों की पहचान, घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और कार में आग लगाने की कोशिश से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।